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नेपाल सीमा के निकट महाराजगंज में अवैध मदरसों पर चला बुलडोजर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. यूपी के महराजगंज जिले से जहां वक्फ कानून लागू होने के बाद भारत-नेपाल बार्डर से सटे सीमावर्ती इलाकों में अवैध मदरसों और मजारों पर लगातार बाबा का बुलडोजर गरज रहा है। वहीं, सरकार के सख्त निर्देश पर प्रशासन सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित अवैध मदरसों और मजारों को चिह्नित कर ध्वस्तीकरण करने में जुटा हुआ है। ऐसे में बीती शाम को बार्डर से सटे निचलौल रेंज के जंगल में चिन्हित अवैध मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।

किसके नेतृत्व में हुई कार्रवाई?

यह कार्रवाई निचलौल उप जिलाधिकारी शैलेंद्र गौतम के नेतृत्व में तहसील प्रशासन, पुलिस, एसएसबी और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई है। करीब एक डिसमिल एरिया में बनी मजार बांस और तिरपाल से कवर थी, जिसकी देखरेख स्थानीय निवासी मोहर्रम अली कर रहे थे।

प्रशासन ने पहले ही दी थी चेतावनी

सूचना मिलने पर प्रशासन ने पहले मजार से जुड़े लोगों को चेतावनी दी थी, लेकिन अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। सोमवार की शाम टीम ने मौके पर पहुंचकर पहले अवैध निर्माण का सीमांकन किया और फिर जेसीबी मशीन से मजार को ध्वस्त करवा दिया गया। उप जिलाधिकारी शैलेंद्र गौतम ने बताया कि अनारक्षित वन भूमि पर किसी भी तरह का निर्माण करना गैरकानूनी है। ऐसे अवैध कब्जे को किसी भी हालत में भविष्य में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।