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मरियम नवाज ने की पाकिस्तान के पंजाब में आपातकाल की घोषणा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

इस्लामाबाद. भारत के एयर स्ट्राइक ऑपरेशन सिंदूर की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है. हर तरफ भारत के इस साहसिक फैसले की सराहना हो रही है. फिर चाहे अमेरिका हो या फिर ब्रिटेन या फिर रूस. सभी देशों ने भारत के फैसले आतंकवाद के खिलाफ सही कदम बताया है. इस बीच पाकिस्तान में भी ऑपरेशन सिंदूर से खलबली मची हुई है. वहीं पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है. यही नहीं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा का बयान भी सामने आया है. ख्वाजा का कहना है कि अगर भारत यहीं रुक जाता है तो पाकिस्तान कोई  कार्रवाई नहीं करेगा.

क्या बोले ख्वाजा मुहम्मद

भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की हेकड़ी निकल गई है. कल तक जो नेता जगह उगल रहे थे अब उनके तेवर नरम पड़ गए हैं. खुद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने गुहार लगाई है कि भारत अपना ऑपरेशन यहीं रोक दे तो पाकिस्तान अपनी सेना के कदम पीछे हटाने को तैयार है. बता दें कि आसिफ का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब भारत ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया है. खास बात यह है कि इन नौ ठिकानों में 4 ठिकाने पाकिस्तान स्थित पंजाब प्रांत में हैं. यहीं पर जैश और लश्कर के कई कैंप भी थे जो भारतीय सेना ने बर्बाद कर दिए हैं.

भारत ने बताया आतंकवाद के खिलाफ सधा हुआ कदम

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ सधा हुआ कदम बताया है. भारत ने कहा है कि हमने सिर्फ आतंकी ठिकानों को चिन्हित किया और इसे तबाह कर दिया. इसमें कोई भी रिहायशी इलाका शामिल नहीं है. भारत ने इस हमले में 90 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि भी की है.

पाकिस्तान के पंजाब में आपातकाल

उधर पाकिस्तान स्थित पंजाब प्रांत में मातम पसरा हुआ है. यहां के 4 से ज्यादा आतंकी ठिकानों को भारतीय सेना ने नेस्तोनाबूत कर दिया है. लिहाजा इस प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम ने यहां आपातकाल की घोषणा कर दी है.

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साभार : न्यूजनेशन

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।