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पाकिस्तान में हमेशा के लिए बंद हुआ जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

इस्लामाबाद. भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नेतृत्व घबराया हुआ है। आतंकवादी समूह ने बहावलपुर स्थित अपने मुख्यालय ‘जामिया सुभान अल्लाह’ को बंद कर रखा है। भारत ने मई की शुरुआत में ऑपरेशन सिंदूर के तहत जैश-ए-मोहम्मद के पंजाब प्रांत में बहावलपुर स्थित मुख्यालय पर हमला किया था, जिसमें यह तबाह हो गया था। भारतीय हमले के बाद से ही यह गूगल मैप्स पर स्थायी रूप से बंद दिखा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर में बना था निशाना

भारतीय सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 मई की सुबह तड़के ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया था, जिनमें बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय भी शामिल था। भारतीय सीमा से लगभग 100 किलोमीटर दूर इस जगह पर किए गए सटीक हमले में यहां मौजूद जैश का ढांचा नष्ट हो गया था।

मसूद अजहर के परिवार से 10 लोग मारे गए

भारत की कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर के परिवार के 10 लोग और 4 बेहद करीबी मारे गए थे। हमले के बाद उस जगह की तस्वीरों और सैटेलाइट इमेजरी से पता चलता है कि इस जगह पर काफी नुकसान हुआ था। इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया और इसकी छत में बड़े-बड़े छेद दिखाई दे रहे थे।

जैश के आतंकियों का प्रशिक्षण केंद्र

इस परिसर को सार्वजनिक रूप से दिखाने के लिए एक मस्जिद के रूप में दिखाया जाता था, लेकिन कथित तौर पर यह जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करता था। यह आतंकियों की भर्ती और ऑपरेशनल योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। गूगल मैप्स ने अब इस साइट को स्थायी रूप से बंद के रूप में चिह्नित किया है। यह मार्क आमतौर पर तब किया जाता है, जब सत्यापित स्रोत जगह की लंबे समय से निष्क्रियता और क्षति की रिपोर्ट देते हैं।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।