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आईएनएस तेग ने दक्षिण पश्चिम हिंद महासागर में मॉरीशस के पोर्ट लुइस का दौरा किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पश्चिमी नौसेना कमान के फ्रंटलाइन स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस टेग ने 22 जून, 2025 को मॉरीशस के पोर्ट लुइस का दौरा किया। आईएनएस तेग ने दक्षिण पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और मॉरीशस के बीच मजबूत पेशेवर, सामाजिक व सांस्कृतिक जुड़ाव और समुद्री साझेदारी को रेखांकित किया।

आईएनएस तेग ने मॉरीशस नेशनल कोस्ट गार्ड (एनसीजी) जहाजों और विमानों के सहयोग से मॉरीशस के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की समन्वित निगरानी की। इस संयुक्त प्रयास ने वैश्विक कॉमन्स की सुरक्षा और अवैध, अप्रतिबंधित और अनियमित (आईयूयू) रूप से मछली पकड़ने से निपटने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। आईएनएस तेग के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन विकास गुलेरिया ने वरिष्ठ सरकारी और सैन्य गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात की, जिनमें पुलिस आयुक्त श्री रामप्रसाद सोरूजबाली, कैबिनेट सचिव श्री सुरेश सीबालक, भारत के उच्चायुक्त श्री अनुराग श्रीवास्तव, गृह सचिव श्रीमती कान ओये फोंग वेंग पूरन और सीओएमसीजी के कैप्टन सीजी बिनोप शामिल थे। इन उच्च स्तरीय बातचीत ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में योगदान दिया।

क्षमता निर्माण पहल और सर्वोत्तम विधियों के आदान-प्रदान के हिस्से के रूप में एनसीजी कर्मियों को आईएनएस तेग पर अग्निशमन, क्षति नियंत्रण, पुल और इंजन कक्ष की निगरानी, ​​विद्युत प्रणाली और छोटे हथियारों को संभालने का प्रशिक्षण दिया गया। नौकायन के बाद गोताखोरी जांच सहित कई और प्रदर्शन भी किए गए। इसके अतिरिक्त, एनसीजी के अनुरोध के आधार पर जहाज से एक तकनीकी टीम ने सीजीएस वैलिएंट के चालक दल की जनरेटर को चालू करने में सहायता की। जिसकी एनसीजी ने सराहना की।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) 2025 के उपलक्ष्य में, 21 जून को लगभग 150 प्रतिभागियों के साथ एक संयुक्त योग सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त, भारत के उच्चायुक्त, एनएसजी कर्मियों और आईएनएस तेग के चालक दल सहित गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सिग्नल माउंटेन की यात्रा और वॉलीबॉल मैच सहित कई अन्य मनोरंजक खेल गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

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आईएनएस तेग की मॉरीशस यात्रा भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा, सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इसने न केवल परिचालन अंतर-संचालन को बढ़ावा दिया है, बल्कि भारत और मॉरीशस के बीच स्थायी मित्रता को भी मजबूत किया है, जो साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और एक सुरक्षित और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के लिए एक समान दृष्टिकोण पर आधारित है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।