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अभिनेत्री रश्मिका मंदाना को अभिनेता नागार्जुन और चिरंजीवी ने बताया अपना क्रश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना इन दिनों फिल्म कुबेरा में अपनी परफॉर्मेंस के लिए तारीफें बटोर रही हैं. फिल्म की सक्सेस पार्टी के दौरान नागार्जुन ने भी उनकी एक्टिंग की तारीफ की और उन्हें अपना क्रश बताया. केवल नागार्जुन ने ही नहीं सुपरस्टार चिरंजीवी ने भी रश्मिका की खूब तारीफ की और एक्ट्रेस को अपना क्रश बताया. रविवार (22 जून) को हैदराबाद में कुबेरा की सक्सेस इवेंट के दौरान नागार्जुन ने रश्मिका की तारीफ करते हुए कहा, “रश्मिका को स्क्रीन पर देखकर मुझे ‘क्षण क्षणम’ की श्रीदेवी गारू की याद आ गई. वाकई इतने सारे फ्रेम और इतने अच्छे.”

नागार्जुन ने आगे कहा कि रश्मिका फिल्म में खूबसूरत दिखीं और उन्होंने कहा, “मेरा मतलब है कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि पुष्पा ने उन्हें नेशनल क्रश का टैग दिलाया है. इस फिल्म की वजह से वह असल में अब नागा की क्रश भी हैं. मुझे तुमसे प्यार है. तुम फिल्म में कमाल की लग रही हो. हम सभी तुमसे प्यार करते हैं.” इवेंट में स्पेशल गेस्ट के तौर पर मौजूद चिरंजीवी ने भी कहा, “नाग, आपने मेरी लाइनें बोल दीं. आपकी क्रश होने के अलावा, रश्मिका मेरी भी क्रश है.” इससे रश्मिका मंच पर ही शरमा ही गईं.

इससे पहले, कुबेर के एक प्रमोशन इंवेंट के दौरान नागार्जुन ने रश्मिका की बैक-टू-बैक हिट फिल्मों की तारीफ की थी और कहा था, “यह लड़की, आप जानते हैं, यह लड़की टैलेंट की एक पावरहाउस है! मेरा मतलब है, अगर आप पिछले तीन सालों में उसकी फिल्मोग्राफी देखें, तो वह बेहतरीन है. हममें से कोई भी 2000-3000 करोड़ का एक्टर नहीं है, दोस्तों. यह वही है. यह वही है जिसने हम सभी को हरा दिया है!”

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।