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भारत सरकार की पहल पर कंबोडिया में 3000 से अधिक गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नोम पेन्ह. भारत में बड़ी संख्या में लोगों के साथ डिजिटल फ्रॉड हुआ, लाखों लोग ऑनलाइन स्कैम के शिकार हो गए। हालांकि सरकार इन स्कैमर्स पर कार्रवाई नहीं कर पा रही थी क्योंकि ये गिरोह देश से बाहर रहकर ठगी करते थे। लेकिन भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और इन स्कैमर्स का पता लगाया। अब तीन हज़ार से अधिक ठग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें भारतीय समेत कई देशों के लोग शामिल हैं। दरअसल, भारत सरकार को जानकारी मिली थी कि भारत में हो रही ठगी की अधिकतर घटनाओं को कंबोडिया में बैठे गिरोह अंजाम दे रहे हैं। भारत के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की तरफ से कंबोडिया सरकार से इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। कंबोडिया की सरकार ने भारत की अपील पर एक्शन लिया और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया है।

3,075 लोगों की गिरफ्तारी

भारत सरकार की अपील पर कंबोडिया में ऑनलाइन स्कैम और डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। भारत के गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और I4C की अपील पर कंबोडियाई सरकार ने देश भर में छापेमारी की। भारत की अपील पर कंबोडियाई सरकार ने देश भर में छापेमारी की और 15 दिनों में 3,075 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 105 भारतीय भी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कंबोडिया में 138 जगहों पर छापेमारी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ठग गिरफ्तार किए गए हैं।

गिरफ्तार लोगों में 606 महिलाएं हैं। इसके साथ ही 1,028 चीनी, 693 वियतनामी, 366 इंडोनेशियाई, 101 बांग्लादेशी, 82 थाई, 57 कोरियाई, 81 पाकिस्तानी, 13 नेपाली और 4 मलेशियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। फिलीपींस, नाइजीरिया, म्यांमार, रूस और युगांडा समेत अन्य देशों के लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है। फ्रॉडस्टरों की गिरफ्तारी के साथ ही बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, फोन, हथियार और ड्रग्स बरामद किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कार्रवाई में चीन की पुलिस और भारतीय पुलिस की नकली वर्दियां भी बरामद हुई हैं। कहा जा रहा है कि कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है, बल्कि आगे और भी लोग गिरफ्तार किए जा सकते हैं।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।