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हमास ने अपनी ही कब्र खोद रहे इजरायली बंधक का वीडियो किया जारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

गाजा. हमास ने अभी तक इजरायल के कई लोगों को बंधक बना रखा है. उनकी तरफ से जारी किए गए वीडियो में इजरायली बंधक को एक भूमिगत सुरंग में अपनी कब्र खोदते हुए दिखाया गया है, जिसे वह अपनी कब्र बता रहा है. फिलिस्तीनी संगठन हमास की तरफ से 48 घंटों के अंदर जारी किया गया ये 24 वर्षीय एव्यातार डेविड का दूसरा ऐसा वीडियो है. वीडियो में डेविड काफी कमजोर नजर आ रहे हैं और बहुत ही मुश्किल से बोल पा रहे हैं. हमास की तरफ से जारी वीडियो में वो एक बंद भूमिगत सुरंग में फावड़ा चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं. वो कैमरे के सामने बहुत धीमी आवाज़ में अपनी आपबीती सुनाते दिखाई दे रहे हैं.

‘मैं सीधे अपनी कब्र की ओर जा रहा हूं’

डेविड हिब्रू में कहते है, “मैं अब अपनी ही कब्र खोद रहा हूं. हर दिन मेरा शरीर कमज़ोर होता जा रहा है. मैं सीधे अपनी कब्र की ओर जा रहा हूं. यही वह कब्र है जहां मुझे दफ़नाया जाएगा. आज़ाद होने और अपने परिवार के साथ अपने बिस्तर पर सोने का समय निकलता जा रहा है.” इसके बाद वो रो पड़ते हैं. एव्यातार डेविड के परिवार ने वीडियो जारी करने की अनुमति दे दी है. एक बयान में उन्होंने कहा, “एक दुष्प्रचार अभियान के तहत हमारे बेटे को जानबूझकर भूखा मारना दुनिया में देखी गई सबसे भयावह घटनाओं में से एक है. उसे सिर्फ हमास के दुष्प्रचार के लिए भूखा रखा जा रहा है.”

बेंजामिन नेतन्याहू ने क्या कहा ?

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि वीडियो जारी होने के बाद प्रधानमंत्री ने डेविड के परिवार से बात की और उन्हें सांत्वना दी. नेतन्याहू ने कहा कि सभी बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयास लगातार जारी हैं. नेतन्याहू ने हमास पर जानबूझकर बंधकों को भूखा रखने और इसे निंदनीय और दुष्ट तरीके से प्रचारित करने का आरोप लगाया है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।