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एनसीबी ने ड्रग्स केस में फरार पंजाबी गायक जगसीर सिंह को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. NCB की बड़ी कामयाबी मिली है. फेमस पंजाबी सिंगर जगसीर सिंह उर्फ बाज सरन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार हो गया है. 36 किलो अफीम के केस में वांटेड भगोड़ा गायक जगसीर सिंह उर्फ काला उर्फ बाज सरन गिरफ्तार हो गया है. पंजाबी सिंगर ड्रग्स की खरीद फरोख्त से जुड़ा हुआ था. ड्रग्स के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो चंडीगढ़ को बड़ी सफलता हाथ लगी है. 36.150 किलो अफीम की बरामदगी के पुराने केस में वांटेड भगोड़ा आरोपी जगसीर सिंह उर्फ काला उर्फ बाज़ को आज गिरफ्तार कर लिया गया है. हरियाणा के सिरसा का रहने वाला जगसीर सिंह साल 2015 के NCB के केस में आरोपी था और 2016 से ही पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था.

करीब 10 साल तक पहचान बदलकर रहा आरोपी

करीब 10 साल तक पहचान और जगह बदल-बदल कर यह आरोपी कानून की गिरफ्त से बचता रहा, लेकिन आखिरकार NCB चंडीगढ़ यूनिट की टीम ने पक्की सूचना के आधार पर 6 अगस्त 2025 को उसे धर दबोचा. गौर करने वाली बात यह है कि फरारी के दौरान यह आरोपी सोशल मीडिया पर एक गायक के रूप में मशहूर हो गया था. उसने यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर एक अलग नाम से गाने डाले जो लाखों लोगों ने देखे.

गिरफ्तारी पर रखा गया था 50 हजार का इनाम

NCB ने मई 2025 में अखबारों में उसकी तस्वीरें छपवाई थीं और उसकी गिरफ्तारी पर ₹50,000 का इनाम भी घोषित किया था. इसी के बाद NCB को उसके बारे में अहम सुराग मिले.  NCB अधिकारियों ने इसे ड्रग माफिया के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि इस गिरफ्तारी से नेटवर्क से जुड़े कई और राज खुलने की उम्मीद है. पंजाब की एक बड़ी मशहूर महिला पंजाबी सिंगर के साथ भी फरारी के वक्त गाने शूट किए थे आरोपी ने. यह गिरफ्तारी दिखाती है कि चाहे आरोपी कितनी भी पहचान बदल ले, कानून से ज्यादा दिन भागना मुमकिन नहीं है. NCB ये पता लगाने में जुटी है की ड्रग्स के पैसे को म्यूजिक इंडस्ट्री में तो रूट नहीं किया गया. कुछ और पंजाबी सिंगर NCB के रडार पर हैं.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।