लोड हो रहा है...

दक्षिण कोरिया पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

सियोल. दक्षिण कोरिया की पुलिस ने पाकिस्तान के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. जो राजधानी सियोल में एक बाजार में क्लर्क के रूप में काम करता था. बताया जा रहा है कि ये शख्स पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का सदस्य है. जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति द्वारा नामित एक पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन है. विदेशी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शख्स दो इसी महीने की 2 तारीख को गिरफ्तार किया गया था. वह सियोल के इटावोन जिले में एक स्थानीय बाजार में क्लर्क के रूप में नौकरी कर रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक, उस व्यक्ति पर किसी आतंकवादी घटना को अंजाम देने या उसकी साजिश रचने का आरोप नहीं लगाया गया है.

2020 में ली थी लश्कर से आतंक की ट्रेनिंग

उत्तर कोरिया के ग्योंगगी नंबू प्रांतीय की पुलिस एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, 40 वर्षीय संदिग्ध शख्स को आतंकवाद निरोधक अधिनियम और आव्रजन अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उस पर शक है कि वह 2020 में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ था, जहां उसने हथियार चलाने और घुसपैठ की रणनीति का प्रशिक्षण लिया था, जिसके बाद वह आतंकवादी संगठन का आधिकारिक सदस्य बन गया.

2023 में पहुंचा था दक्षिण कोरिया

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि वह दिसंबर 2023 में दक्षिण कोरिया आया था. उसने उसी साल सितंबर में पाकिस्तान स्थित दक्षिण कोरियाई वाणिज्य दूतावास में वीजा लेने के लिए खुद को कथित तौर पर एक व्यवसायी बताया था. जो कोरिया में अपना व्यवसाय स्थापित करना चाहता था. फिलहाल पुलिस अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसे लश्कर-ए-तैयबा की ओर से कोई पैसा भेजा गया था या नहीं. बताया जा रहा है कि ये पहली बार है जब कोरियाई पुलिस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किए गए किसी समूह के सदस्य को गिरफ्तार किया है.

बता दें कि मई 2005 में लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने और अल-कायदा तथा ओसामा बिन लादेन सहित सूचीबद्ध व्यक्तियों और संस्थाओं का समर्थन करने के बाद उसे एक आतंकवादी समूह घोषित किया गया था. हाफ़िज़ मुहम्मद सईद लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख है. नवंबर 2008 में उसे के इशारों पर मुंबई में आतंकवादी हमलों हुए थे.

- Advertisement -

साभार : न्यूजनेशन

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।