शनिवार, अगस्त 15 2026 | 09:26:37 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / सीरिया के नेताओं के बयानों की वजह से बिगड़े देश के हालात

सीरिया के नेताओं के बयानों की वजह से बिगड़े देश के हालात

Follow us on:

दमिश्क. सीरिया में राजनीतिक हालात एक बार फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं. युनाइटेड नेशन्स के विशेष दूत गीर पेडरसन ने अस्थिर सुरक्षा स्थिति के बीच इस बात की वॉर्निंग दी है. युनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल को मासिक ब्रीफिंग देते हुए पेडरसन ने कहा कि 19 जुलाई को हुए सीजफायर पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं. हालांकि फिलहाल यह स्थिति बड़े पैमाने पर हिंसा में तब्दील नहीं हुई है, लेकिन स्वेदा के सीमांत इलाकों में छिटपुट झड़पों की खबरें आ रही हैं.

राजनीतिक बयानबाजी बना रहे माहौल खराब

पेडरसन ने कहा,”पिछले एक महीने से अपेक्षाकृत सैन्य कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे बिगड़ते राजनीतिक माहौल पर पर्दा पड़ा हुआ है. लेकिन राजनीतिक रूप से भड़काऊ बयानबाजी का दौर लगातार जारी है. तनाव के दौरान स्वेदा में हुई हिंसा और कुछ भयावह फुटेज का सामने आना स्थिति को और गंभीर बना रहा है.” रिपोर्ट के मुताबिक, पेडरसन ने अपराधियों के किसी दल से जुड़े होने की परवाह किए बिना जवाबदेही तय करने की अहमियत पर जोर दिया. इसी बीच, अंतरिम सीरियाई अधिकारियों ने एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के गठन का ऐलान किया है. जिसे स्वेदा में हुए दुर्व्यवहारों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है.

पेडरसन ने कहा कि समिति के नताइज को पूरी तरह सार्वजनिक किया जाना चाहिए और सभी अपराधियों, चाहे वे किसी भी संगठन से जुड़े हों, उनको जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि अगर मुस्तकबिल में हिंसा और उल्लंघनों से बचना है तो सिक्टोरिटी सेक्टर में सुधार, निरस्त्रीकरण और सैन्य विस्थापन पर एक प्रोग्राम की जरूरत है. संयुक्त राष्ट्र दूत ने दोहराया कि सीरिया में स्थायी शांति के लिए एक समावेशी, सीरियाई नेतृत्व वाली और सीरियाई स्वामित्व वाली राजनीतिक प्रक्रिया जरूरी है. ऐसी प्रक्रिया जो सभी नागरिकों के अधिकारों और आकांक्षाओं की रक्षा करते हुए उन्हें शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक तरीके से अपना भविष्य तय करने का मौका दे.

साभार : जी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

18वां BRICS Summit 2026: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का पहला भारत दौरा, जानें क्यों है खास

तेहरान | शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 पश्चिम एशिया में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक …