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डोनाल्ड ट्रंप ने सर्जियो गोर को नियुक्त किया भारत में अमेरिका का राजदूत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक करीबी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने भारत के लिए अपने नए राजदूत का एलान किया है। ट्रंप ने इसके लिए सर्जियो गोर को चुना है। दरअसल, सर्जियो वर्तमान राजदूत एरिक गार्सेटी की जगह लेंगे। अभी तक की जानकारी के अनुसार, गोर फिलहाल व्हाइट हाउस के डायरेक्टर ऑफ प्रेसिडेंशियल पर्सनल के पद पर कार्यरत थे। अब वह एक नई जिम्मेदारी निभाएंगे। सर्जियो गोर डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते हैं। गोर का नाम पिछले कुछ समय में विवादों से भी जुड़ा रहा है।

कैसा रहा है सर्जियो गोर का सफर?

बता दें कि सर्जियो गोर की उम्र महज 39 साल है। वह भारत में अनेरिका के अगले राजदूत होंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, गोर का जन्म अज्बेकिस्तान ते ताशकंद में हुआ था। साल 1999 में गोर का पूरा परिवार शिफ्ट हो गया था। सर्जिया गोर ने लॉज एंजिलिस में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने वाशिंगटन विश्वविद्यालय से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया था।

ग्रेजुएशन के दौरान रही राजनीति में दिलचस्पी

बता दें कि जब सर्जियो गोर जब ग्रेजुएशन में थे, उसी समय से राजनीति में उनकी दिलचस्पी रही। शुरुआत के समय में उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी ज्वाइन की इसके साथ उन्होंने कई अमेरिकी सांसदों के साथ काम किया। इसके कारण उन्हें नई पहचान मिलनी शुरू हो गई। बाद में वह रिपब्लिकन के प्रवक्ता के रूप में जाने जाने लगे। साल 2020 में राष्ट्रपति चुनाव के लिए ट्रंप ने प्रचार की शरुआत की, उसी समय उनकी मुलाकात ट्रंप से हुई। इस दौरान वह कैपेनिंग का एक बड़ा चेहरा बन गए।

ट्रंप के सबसे भरोसेमंद लोगों में एक हैं गोर

माना जाता है कि सर्जियो गोर फिलहाल डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी और भरोसेमंद शख्स में से एक हैं। यही वजह है कि उन्हें भारत में अमेरिका का राजदूत नियुक्त किया जा रहा है। इतना ही नहीं स्पेशल एनवॉय फॉर साउथ एंड सेंट्रल एशियन अफेयर्स की जिम्मेदारी भी उन्हें देने की तैयारी है। जिससे वह भारत ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत एशिया में रणनीतिक के तौर पर काम कर सकते हैं।

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विवादों से रहा है पुराना नाता

सर्जियो गोर का नाम पिछले कुछ समय में विवादों से भी जुड़ा रहा है। इससे पहले गोर पर कई प्रकार के गंभीर आरोप भी लग चुके हैं। उनके ऊपर रूसी जासूस का भी आरोप लगा, जिसको लेकर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने उन्हें सांप तक कहा था। इतना ही नहीं सर्जियो गोर पर अपने जन्मस्थान को लेकर गलत जानकारी साझा करने का भी आरोप लगा।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।