लोड हो रहा है...

भारत- दक्षिण अफ्रीका संयुक्त कृषि कार्य समूह की वर्चुअल बैठक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कृषि पर संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की पाँचवीं बैठक आज वर्चुअल माध्यम से आयोजित हुई। बैठक की सह- अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव (स्वतंत्र प्रभार) श्री अजीत कुमार साहू और दक्षिण अफ्रीका के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संवर्धन विभाग के कार्यवाहक निदेशक श्री तपसना मोलेपो ने की। दोनों पक्षों ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक बढ़ाने की दिशा में इस बैठक को एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर के रूप में रेखांकित किया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001DK84.jpg

श्री अजीत कुमार साहू ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों का अवलोकन प्रस्तुत किया और भारत की उल्लेखनीय कृषि उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कृषि क्षेत्र को मज़बूत करने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई, कई नवीन पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें डिजिटल समाधानों का उपयोग, जलवायु- अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, जोखिम न्यूनीकरण और सरकार की ऋण पहल शामिल हैं।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002JTOA.jpg

- Advertisement -

श्री थापसना मोलेपो ने कृषि क्षेत्र में दक्षिण अफ्रीका की प्रमुख प्राथमिकताओं का अवलोकन प्रस्तुत किया और भारत के साथ अपनी मूल्यवान साझेदारी को बढ़ाने के लिए अपने देश की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने विस्तार सेवाओं, क्षमता निर्माण और बीज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने में दक्षिण अफ्रीका की गहरी रुचि को रेखांकित किया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image003HB61.jpg

चर्चा के दौरान, दोनों पक्षों ने दक्षिण अफ्रीका की कृषि अनुसंधान परिषद (एआरसी) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के बीच सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर विचार- विमर्श किया। बैठक में मुख्य रूप से ज्ञान का आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान पहल, क्षमता निर्माण और बाज़ार पहुँच के मुद्दों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।

इस बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, मत्स्य पालन विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।