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1,546 एनसीसी कैडेट दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में बारह दिनों के थल सैनिक शिविर में भाग लेने के लिए तैयार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 17 राष्ट्रीय कैडेट कोर निदेशालयों से 867 लड़के और 679 लड़कियों सहित कुल 1,546 कैडेट दिल्ली कैंट के करियप्पा परेड ग्राउंड में बारह दिवसीय थल सैनिक शिविर में भाग लेंगे। अपर महानिदेशक (ए) एयर वाइस मार्शल पीवीएस नारायण 02 सितंबर, 2025 को इसका उद्घाटन करेंगे। शिविर में भाग लेने वाले कैडेट विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में भाग लेंगे, जिनमें अवरोध प्रशिक्षण, मानचित्र पठन और अन्य संस्थागत प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इस पहल से उन्हें समृद्ध अनुभव प्राप्त होगा, जिसमें शारीरिक सहनशक्ति, मानसिक तीक्ष्णता और टीम वर्क पर जोर दिया जाएगा।

थल सैनिक शिविर का उद्देश्य कैडेटों को सेना प्रशिक्षण के प्रमुख पहलुओं से अवगत कराना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देना और अनुशासन, नेतृत्व एवं राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना है। यह शिविर सेना विंग के कैडेटों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर के शिविर के रूप में व्यापक प्रशिक्षण एवं चरित्र विकास पर केंद्रित है।

अपर महानिदेशक ने एनसीसी द्वारा देश के युवाओं को प्रदान किए जाने वाले अनूठे अवसरों का उल्लेख किया, जो उनके रोमांच, अनुशासन और सम्मान से भरा जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि एनसीसी सभी कैडेटों में नेतृत्व व सौहार्द की भावना उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और उन्हें जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार करती है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।