लोड हो रहा है...

डोनाल्ड ट्रंप की डिनर पार्टी में उनके दो करीबियों स्कॉट बेसेंट और बिल पल्टे में हुई मारपीट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

वॉशिंगटन. वाशिंगटन. जब से डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में राष्ट्रपति का पद संभाला है तब से वो लगातार अपने बयानों और टैरिफ को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. शायद ही कोई दिन ऐसा जाता है जिस दिन खबरों में उनकी चर्चा न हों. अब एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वो खुद वजह नहीं है बल्कि इस बार उनकी चर्चा उनके खासमखास लोगों की वजह से हो रही है. वॉशिंगटन डीसी में आयोजित एक स्पेशल डिनर में अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और फेडरल हाउसिंग फाइनेंस एजेंसी के निदेशक बिल पल्टे के बीच तीखी बहस हो गई, नौबत ये आन पड़ी कि मामला हाथपाई तक पहुंचने वाला था, गनीमत ये रही कि मामला बढ़ने से रोक लिया गया.

क्या है पूरा मामला

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, बेसेंट ने पल्टे पर आरोप लगाया कि वह ट्रंप से उनके खिलाफ निजी तौर पर बुराई कर रहे हैं. बस इसी बात को लेकर दोनों के बीच ठन गई और बहस इतनी बढ़ गई कि बेसेंट ने बिल पल्टे को गाली देते हुए कहा, “या तो ये यहां से चला जाए, या मैं चला जाता हूं.” उन्होंने पल्टे को बाहर चलने की धमकी भी दी. पॉलिटिको के अनुसार, यह झड़प 3 अगस्त, 2025 को हुई, जब वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने पुल्टे को “मुंह पर मुक्का मारने” की धमकी दी थी. मामले को तूल पकड़ा देख क्लब के को-फाउंडर ने बीच में आकर किसी तरह माहौल का शांत कराया. हालांकि, दोनों अधिकारी अंत तक डिनर में मौजूद रहे, जिसमें करीब 30 लोग शामिल थे, जिनमें कई ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी थे.

दोनों में पुरानी तनातनी

इस पूरे विवाद की जड़ एक लंबे समय से चल रहा सत्ता संघर्ष है, जिसमें बेसेंट, पल्टे और कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक शामिल हैं. असल में लुटनिक पल्टे के करीबी माने जाते हैं. ट्रंप ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बेसेंट और लुटनिक दोनों की तारीफ की थी. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ये दोनों सबसे अलग किस्म के इंसान हैं जिन्हें मैंने कभी देखा है. दोनों शानदार हैं, लेकिन एक दूसरे से करीब 200 गज अलग हैं, फिर भी दोनों अच्छे से साथ काम करते हैं.

पल्टे का कद बढ़ा

हाल के हफ्तों में ट्रंप के साथ पल्टे का प्रभाव बढ़ा है, खासकर तब जब उन्होंने फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक पर मॉर्गेज फ्रॉड का आरोप लगाया. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इन आरोपों के बाद कुक को पद से हटा दिया, जिसके बाद कुक ने प्रशासन पर मुकदमा दायर कर दिया. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब बेसेंट किसी ट्रंप सलाहकार से उलझे हों. इससे पहले उन्होंने व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार एलन मस्क से आईआरएस प्रमुख की नियुक्ति को लेकर तीखी बहस की थी. रविवार को बेसेंट ट्रंप के साथ यूएस ओपन में भी नजर आए, हालांकि उन्हें ट्रंप से कुछ सीटें दूर बैठाया गया था.

- Advertisement -

साभार : एनडीटीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।