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नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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काठमांडू. नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन लगाने और सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 8 सितंबर Gen-Z प्रोटेस्ट शुरू हुआ था. जिसके बाद यह प्रदर्शन हिंसक हो गया था. प्रदर्शन के दौरान अब तक लगभग 50 लोगों की मौत हो चुकी है. गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने नेपाल की संसद पर कब्जा करके आग के हवाले कर दिया था. प्रदर्शन के बाद तत्कालीन पीएम केपी शर्मा ओली समेत कई नेताओं ने देश छोड़ दिया था. शुक्रवार को नेपाल में अंतरिम पीएम के रूप में सुशीला कार्की ने शपथ ली है. जिसके बाद शनिवार को नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.

शुक्रवार को सुशीला कार्की ने ली थी अंतरिम पीएम की शपथ

नेपाल में Gen-Z प्रोटेस्ट के बीच भारी हिंसा हुई थी. हिंसा में लगभग 50 लोगों की मौत हो गई थी और सैंकड़ो लोग घायल हैं. हिंसा के बाद शुक्रवार रात नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश 73 वर्षीय सुशीला कार्की ने नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है. अभी तक प्रदर्शन में Gen-Z ग्रुप की मांग थी कि उन्हें युवा नेता चाहिए यानी Gen-Z पीढ़ी का Gen-Z नेता. लेकिन देश के बेहतर भविष्य और जेनजी को गाइडेंस के लिए एक बेहतर अनुभव की आवश्यकता थी, जिसके बाद सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाने का निर्णय लिया गया.

रविवार को हो सकता है मंत्रीमंडल का विस्तार

प्रधानमंत्री बनने के बाद शनिवार को सुशीला कार्की सिविल अस्पताल में पहुंची. उम्मीद है कि वह वहां पर प्रदर्शन में घायल हुए लोगों से मुलाकात कर सकती हैं. इसके अलावा उनके पीएम बनने के बाद नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली के पुलिस दमन के विरोध में एफआईआर दर्ज की गई है. पूर्व पीएम ओली के खिलाफ अपराध के आरोप में जांच किए जाने की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है. बताया जा रहा है कि कार्की की सरकार का रविवार को कैबिनेट विस्तार हो सकता है. इसके लिए अंतरिम प्रधानमंत्री कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक सलहकारों से चर्चा कर रहीं हैं. बताया जा रहा है कि मंत्रीमंडल में शामिल होने वाले नामों पर हो सकता है कि रविवार तक निर्णय ले लिया जाएगा.

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।