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भारत ने यूएनएससी में अफ़ग़ानिस्तान के आतंकवादी शोषण को रोकने के लिए वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारत ने संयुक्त राष्ट्र की सूची में दर्ज पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी समूहों और उनके समर्थकों को अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए न करने देने की वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कल हुई बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी राजदूत, पर्वतनेनी हरीश ने अफ़ग़ानिस्तान के आतंकवादी शोषण को रोकने के लिए वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है।

भारत के स्थायी राजदूत ने कहा कि भारत अफ़ग़ानिस्तान की मदद के लिए हमेशा अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सहयोग का समर्थन करता रहा है। भारत ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले की अफ़ग़ानिस्तान द्वारा की गई कड़ी निंदा का भी स्वागत किया। उन्होंने चेतावनी दी कि सिर्फ़ तालिबान को सज़ा देने से कोई फ़ायदा नहीं होगा। श्री हरीश ने अफ़ग़ानिस्‍तान के लोगों की मदद के लिए नए और रचनात्मक तरीक़े अपनाने का आह्वान किया।

भारतीय दूत ने बताया कि इस महीने अफ़ग़ानिस्तान में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने सबसे पहले मदद पहुँचाई थी। श्री हरीश ने कहा कि अफगानिस्‍तान को मदद पहुंचाने की भारत की प्रतिबद्धता पर कोई समझौता नहीं हो सकता। अफगानिस्‍तान के पुनर्निर्माण में मदद के लिए मानवीय सहायता और प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताएँ हैं।

 SHABD, September 18, 2025

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।