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कोर्ट ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. यौन उत्पीड़न के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. पुलिस ने कोर्ट में कहा कि चैतन्यानंद ने 16 लड़कियों के साथ यौन शोषण किया है. दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में धारा 351(3) का जिक्र किया है, जो गैर जमानती अपराध है. धारा 351(3) उन लोगों के खिलाफ लगाई जाती है जो किसी को धमकी देते हैं, खासकर हत्या की धमकी के उद्देश्य से. इससे पहले इस मामले में धारा 351(2) लगाई गई थी, जो थोड़ी कम गंभीर मानी जाती है.

पुलिस ने बाबा चैतन्यानंद से पीड़ित लड़कियों का आमना-सामना कराने और उनके द्वारा छिपाए गए डिजिटल सबूतों की जांच के लिए कोर्ट से पांच दिन की पुलिस कस्टडी मांगी थी. पुलिस का कहना है कि बाबा ने लड़कियों के साथ छेड़खानी के सबूतों के अलावा कई डिजिटल साक्ष्य भी छुपाए हैं. हालांकि, चैत्यानंद के पक्ष के वकील ने पुलिस की मांग का विरोध किया. उन्होंने कोर्ट में कहा कि पुलिस बाबा के साथ ठीक व्यवहार नहीं कर रही है. बाबा एक वरिष्ठ नागरिक और साधु हैं, जिनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है. पुलिस ने बाबा के पास से सभी जरूरी सामान जब्त कर लिया है, इसलिए पुलिस को रिमांड क्यों चाहिए?

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित लड़कियों के बयान लेना बेहद जरूरी है. लड़कियों को अल्मोड़ा, गुड़गांव और फरीदाबाद ले जाया जाता था. पुलिस ने यह भी बताया कि बाथरूम तक में कैमरे लगाए गए थे. कुल 16 लड़कियों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है, जो इसे एक बड़ा और गंभीर मुद्दा बनाता है. पुलिस इस मामले में आईपी एड्रेस की भी जांच कर रही है ताकि डिजिटल सबूतों को और मजबूत किया जा सके. जांच अभी भी जारी है और जल्द ही पुलिस और अदालत से इस मामले में और जानकारी सामने आ सकती है. फिलहाल बाबा चैतन्यानंद 5 दिन की पुलिस हिरासत में हैं और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।