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संयुक्त अरब अमीरात थल सेना के कमांडर मेजर जनरल यूसुफ मयूफ सईद अल हल्लामी भारत पहुंचे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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संयुक्त अरब अमीरात थल सेना के कमांडर मेजर जनरल यूसुफ मयूफ सईद अल हल्लामी 27-28 अक्टूबर, 2025 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस उच्च-स्तरीय यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को बढ़ाना और विशेष रूप से प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन के क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों की खोज करना है। यह यात्रा दोनों देशों के अपनी दीर्घकालिक रक्षा साझेदारी को मजबूत बनाने के निरंतर प्रयासों को रेखांकित करती है।

मेजर जनरल यूसुफ मयूफ सईद अल हल्लामी का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। महानिदेशक सूचना प्रणाली और सेना डिजाइन ब्यूरो ने मेजर जनरल यूसुफ मयूफ सईद अल हल्लामी को देश की रक्षा क्षमताओं और भारतीय सेना के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोडमैप के बारे में भी जानकारी दी।

मेजर जनरल यूसुफ मायुफ सईद अल हल्लामी 28 अक्टूबर, 2025 को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन का भी दौरा करेंगे और विभिन्न स्वदेशी हथियार एवं उपकरण प्लेटफार्मों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे। वे रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत से भी बातचीत करेंगे। कमांडर आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भारतीय रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत करेंगे।

संयुक्त अरब अमीरात थल सेना के कमांडर, मेजर जनरल यूसुफ मायुफ सईद अल हल्लामी की यह यात्रा संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस यात्रा से रक्षा संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे और सैन्य जुड़ाव तथा क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग से भविष्य के लिए साझेदारी का मार्ग प्रशस्त होगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।