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किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में एक जवान हुआ घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए सुरक्षाबलों की ओर से लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। अब बुधवार को प्रदेश के किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। अधिकारियों की ओर से इस मुठभेड़ के बारे में जानकारी दी गई है। जानकारी के मुताबिक, ये मुठभेड़ तड़के किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में हुई हो रही है। सेना ने कहा है कि अभियान अभी जारी है।

सेना ने क्या बताया?

भारतीय सेना के व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा- ‘‘आज सुबह जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ समन्वय में शुरू किए गए एक खुफिया आधारित अभियान में व्हाइट नाइट कोर के सतर्क सैनिकों का छत्रू सामान्य क्षेत्र में आतंकवादियों से आमना-सामना हुआ। अभियान अभी जारी है।’’

कैसे शुरू हुई मुठभेड़?

अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ तब शुरू हुई जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भारतीय सेना की सहायता से आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी के आधार पर छत्रु इलाके में एक संयुक्त अभियान शुरू किया। समन्वित तलाशी अभियान सुबह के समय शुरू किया गया था, जिसके बाद सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू हो गई। ऑपरेशन अभी भी जारी है, सुरक्षा बल क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति बनाए हुए हैं।

कम से कम दो से तीन आतंकवादी

सामने आई जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबल कम से कम दो से तीन आतंकवादियों से मुठभेड़ कर रहे हैं। वहीं, इस मुठभेड़ में एक जवान मामूली रूप से घायल हो गया है। किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबल आतंकवादियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप डोडा और उधमपुर जिलों की सीमा से लगे इस क्षेत्र में कई मुठभेड़ हुई हैं। पिछले सात महीनों में किश्तवाड़ में छह मुठभेड़ हुई हैं क्योंकि सुरक्षाबल इन पहाड़ियों में छिपे पाकिस्तानी आतंकवादियों की तलाश जारी रखे हुए हैं।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।