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‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जाने

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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स्व. श्री मोहनदास गांधी उपाख्य महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका से वापिस भारत आने के बाद देश की राजनीति को एक नया रूप दिया। उस समय कांग्रेस का गरम दल क्रांतिकारियों के प्रति नरम व्यवहार रखता था, जिसका असर कांग्रेस पर भी दिखने लगा था। ऐसे समय में गांधी जी ने भारत में अहिंसा का सिद्धांत दिया और स्वतंत्रता के उपरांत तक वे इसी सिद्धांत पर कायम रहे। स्वतंत्रता के उपरांत विभाजन का दंश झेलने वाले लोगों ने इस कारण गांधीजी का बहुत विरोध किया। कांग्रेस को भी गांधी जी की इस राजनीति के कारण जन आक्रोश का सामना करना पड़ा। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि क्या गांधी जी की राजनीति सही दिशा में थी? मैं अपनी इस पुस्तक में गांधी जी की राजनीति से जुड़े कुछ पन्नों को आपके समक्ष रख रहा हूं, जिससे आप यह निर्णय कर सकें कि क्या सही है और क्या गलत हुआ? इस ईबुक‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ को पढ़ने के लिए निम्न में से किसी लिंक पर क्लिक करें :

https://books.google.co.in/books?id=8-6KEQAAQBAJ

https://store.pothi.com/book/ebook-saransh-kanaujia-gandhi-ji-ki-rajnitik-yatra-ke-kuchh-panne/

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।