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शिवानी कुमारी ने साझा किया अपनी बहन के साथ खास रिश्ता, ‘सत्या-साची’ देखकर हुई भावुक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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उत्तर प्रदेश, नवंबर 2025 : कभी-कभी कोई कहानी सिर्फ पर्दे पर नहीं चलती, बल्कि आपके दिल को अंदर तक छू जाती है। ऐसा ही हुआ मशहूर इन्फ्लुएंसर शिवानी कुमारी के साथ, जब उन्होंने सन नियो के नए शो ‘सत्या साची’ की एक झलक देखी। दो बहनों के प्यार, हँसी और अटूट रिश्ते पर आधारित इस दिल छू लेने वाली कहानी ने उन्हें अपनी खुद की बहन के साथ बिताए अनमोल लम्हों की याद दिला दी।

शिवानी ने अपनी बहन के साथ अपने खूबसूरत रिश्ते के बारे में बात करते हुए कहा ,“मेरी बहन और मेरा रिश्ता बहुत खास है। भले ही वह मुझसे छोटी है, लेकिन हमेशा मेरी सबसे बड़ी ताकत रही है। जब-जब मैं खुद पर शक करती थी, उसने मुझ पर भरोसा किया और मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत दी। आज मैं जो भी हूँ, उसमें उसका बहुत बड़ा योगदान है। जब मैंने ‘सत्या साची’ देखा, तो दो बहनों की कहानी ने मुझे हमारी यादों में दोबारा खोने के लिए मजबूर कर दिया। सत्या और साची का रिश्ता बिल्कुल रियल है, दोनों में प्यार, साथ और एक-दूसरे पर अटूट भरोसा शामिल है।”

उन्होंने आगे कहा, “टीवी पर हमने कई सास-बहू की कहानियाँ देखी हैं, लेकिन यह शो कुछ अलग लगा। जब मुझे इस शो के लिए वीडियो बनाने का मौका मिला, तो मैंने तुरंत हाँ कह दी! मेरी बहन भी उतनी ही उत्साहित थी। हम दोनों इस कहानी से गहराई से जुड़ गए। मुझे यकीन है कि हर बहन जो ‘सत्या साची’ देखेगी, उसे अपने रिश्ते की झलक इसमें जरूर मिलेगी। मैं बहुत खुश हूँ कि मुझे इतनी दिल से जुड़ी कहानी का हिस्सा बनने का मौका मिला और इसके लिए मैं सन नियो की आभारी हूँ।”
‘सत्या साची’ दो बहनों सत्या और साची की कहानी है, जो एक छोटे से गाँव से हैं। निडर और मजबूत सत्या और शांत, निस्वार्थ साची दोनों का रिश्ता किसी फ़र्ज़ से नहीं, बल्कि प्यार की एक खूबसूरत कसम से बंधा है। चाहे जिंदगी कितनी भी चुनौतियां लाए, ये दोनों हमेशा एक-दूसरे का साथ निभाती हैं।

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देखिए ‘सत्या साची’ प्यार, त्याग और दो बहनों के बंधन की कहानी, 10 नवम्बर से हर सोमवार से रविवार, रात 8 बजे, सिर्फ़ सन नियो पर।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।