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आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरी ने कोलंबो में श्रीलंका नौसेना द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू 2025 में भाग लिया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारत का पहला स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत स्वदेशी रुप से निर्मित फ्रिगेट आईएनएस उदयगिरी के साथ, 27 से 29 नवंबर 2025 तक कोलंबो में श्रीलंका नौसेना द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू 2025 में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्‍व कर रहा है। यह आयोजन श्रीलंका नौसेना की 75वीं वर्षगांठ समारोह का एक हिस्सा है और इसमें कई देशों के नौसेनिक जहाजों, प्रतिनिधिमंडलों और पर्यवेक्षकों की भागीदारी शामिल है।

यह यात्रा दोनों जहाजों की पहली विदेश तैनाती को दर्शाती है और क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। स्‍वदेशी रूप से निर्मित और राष्‍ट्र के गौरव आईएनएस विक्रांत की अंतर्राष्‍ट्रीय फ्लीट रिव्‍यू में पहली भागीदारी हिन्‍द महासागर क्षेत्र में भागीदार नौसेनाओं के साथ भारत के निरंतर जुड़ाव को उजागर करती है तथा सहयोग और अंतर संचालनीयता के माध्‍यम से शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने पर भारत के ज़ोर देने को दर्शाती है।

हाल ही में कमीशन किए गए आईएनएस उदयगिरी की भागीदारी भारत की उन्‍नत स्‍वदेशी जहाज निर्माण क्षमताओं तथा आईओआर में इसकी संतुलित, विस्‍तृत नौ‍सैनिक उपस्थिति को और प्रदर्शित करती है।

कोलंबो में अपने ठहराव के दौरान ये जहाज प्रमुख प्रमुख आईएफआर कार्यक्रमों भाग लेंगे, जिनमें औपचारिक फ्लीट रिव्यू, सिटी पेरड, सामुदायिक आउटरीच गतिविधियां और पेशेवर नौसैनिक संवादों शामिल हैं। जनसंपर्क पहलों के हिस्‍से के रूप में ये जहाज आईएफआर 2025 के दौरान आगंतुकों के लिए भी खुले रहेंगे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।