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नाबालिग खिलाड़ी के यौन उत्पीड़न का आरोप: राष्ट्रीय शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज निलंबित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारतीय खेल जगत से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने राष्ट्रीय स्तर के शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर एक नाबालिग महिला निशानेबाज के यौन उत्पीड़न और उसे धमकाने का गंभीर आरोप लगा है।

घटना का विवरण: पीड़ित खिलाड़ी ने आरोप लगाया है कि पिछले महीने (दिसंबर 2025) दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में एक प्रतियोगिता के बाद, कोच ने उसे प्रदर्शन की समीक्षा करने के बहाने फरीदाबाद के एक होटल में बुलाया। आरोप है कि वहां कोच ने उसके साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण किया।

एफआईआर दर्ज: हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद के एनआईटी महिला पुलिस स्टेशन में कोच के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो (POCSO) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

धमकी का आरोप: शिकायत के अनुसार, आरोपी कोच ने नाबालिग खिलाड़ी को धमकी दी थी कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया, तो वह उसका करियर बर्बाद कर देगा और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाएगा।

NRAI की कार्रवाई: घटना की गंभीरता को देखते हुए, NRAI के सचिव राजीव भाटिया ने पुष्टि की है कि अंकुश भारद्वाज को निलंबित कर दिया गया है और उन्हें ‘कारण बताओ’ (Show-cause) नोटिस जारी किया जाएगा। जांच पूरी होने तक वे किसी भी कोचिंग गतिविधि का हिस्सा नहीं रहेंगे।

जांच जारी

पुलिस ने होटल की CCTV फुटेज और अन्य सबूत जुटाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि पीड़ित खिलाड़ी अगस्त 2025 से भारद्वाज के अधीन प्रशिक्षण ले रही थी। कोच भारद्वाज को पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद राष्ट्रीय कोचिंग टीम के 37 सदस्यों में शामिल किया गया था।

नोट: खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है और अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं।

अनुशासनात्मक समिति का गठन: NRAI (National Rifle Association of India) ने मामले की गहराई से जांच के लिए अपनी आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को सक्रिय कर दिया है। यह समिति यह भी जांच करेगी कि क्या पहले भी किसी खिलाड़ी ने कोच के व्यवहार के बारे में शिकायत की थी।

SAI का कड़ा रुख: भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने स्पष्ट किया है कि उनकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। उन्होंने फेडरेशन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यदि दोष सिद्ध होता है, तो अंकुश भारद्वाज पर आजीवन प्रतिबंध (Life Ban) भी लग सकता है।

शिकायतकर्ता का बयान: बताया जा रहा है कि पीड़ित खिलाड़ी ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। पुलिस अब उस होटल के स्टाफ से पूछताछ कर रही है जहाँ यह घटना होने का दावा किया गया है।

कोच का पक्ष: अभी तक अंकुश भारद्वाज या उनके वकीलों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन निलंबन के बाद वे राष्ट्रीय शिविर (National Camp) से बाहर हो चुके हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।