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राजधानी में फुटबॉल का फीवर: दिल्ली पहुंची फीफा वर्ल्ड कप की मूल ट्रॉफी, प्रशंसकों में भारी उत्साह

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन, ‘फीफा वर्ल्ड कप 2026’ की मूल स्वर्ण ट्रॉफी शनिवार (10 जनवरी) को दिल्ली पहुंच चुकी है। 18-कैरेट ठोस सोने से बनी यह चमचमाती ट्रॉफी भारत के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम और अन्य निर्धारित स्थानों पर आज प्रशंसक इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को करीब से देख सकेंगे।

प्रमुख विशेषताएं और कार्यक्रम:

  • भव्य अनावरण: ट्रॉफी का अनावरण केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के अध्यक्ष कल्याण चौबे और ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर व फीफा लीजेंड गिल्बर्टो सिल्वा द्वारा ताज मान सिंह होटल में किया गया।

  • दिल्ली में दो दिन: ट्रॉफी 10 और 11 जनवरी को दिल्ली में रहेगी। आज (रविवार) दोपहर 12:00 बजे से प्रशंसकों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें ‘कोक स्टूडियो’ के लाइव संगीत और फुटबॉल गतिविधियों का आनंद लिया जा सकेगा।

  • गुवाहाटी का दौरा: दिल्ली के बाद, ट्रॉफी 13 जनवरी को असम के गुवाहाटी के लिए रवाना होगी। यह पहली बार है जब फीफा की मूल ट्रॉफी उत्तर-पूर्व भारत का दौरा कर रही है।

  • प्रवेश प्रक्रिया: प्रशंसक आधिकारिक पार्टनर (Coca-Cola) के विशेष प्रमोशन और रजिस्ट्रेशन के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।

“वर्ल्ड कप की ट्रॉफी देखना करोड़ों भारतीयों के लिए एक भावना है। यह हमारे युवा खिलाड़ियों को यह विश्वास दिलाने के लिए है कि वैश्विक फुटबॉल का सपना अब दूर नहीं है।”

— कल्याण चौबे, अध्यक्ष (AIFF)

ट्रॉफी के बारे में कुछ खास बातें:

विवरणजानकारी
वजन6.175 किलोग्राम
सामग्री18-कैरेट ठोस सोना
डिजाइनदो मानव आकृतियां पृथ्वी को ऊपर उठाए हुए
मेजबान देश (2026)अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।