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विजय हजारे ट्रॉफी: सौराष्ट्र ने उत्तर प्रदेश को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, VJD मेथड से हुआ फैसला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. सौराष्ट्र ने विजय हजारे ट्रॉफी के रोमांचक नॉकआउट मुकाबले में उत्तर प्रदेश को मात देकर सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है। बारिश से बाधित इस मैच का फैसला VJD मेथड के आधार पर किया गया, जिसमें सौराष्ट्र 17 रनों से आगे रहा।

उत्तर प्रदेश की सधी हुई बल्लेबाजी

मैच की शुरुआत में उत्तर प्रदेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 256 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने सूझबूझ का परिचय दिया और सौराष्ट्र के गेंदबाजों के सामने एक प्रतिस्पर्धी लक्ष्य रखा।

सौराष्ट्र का मजबूत पलटवार और बारिश का खलल

257 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र की टीम ने शानदार शुरुआत की। उनके सलामी बल्लेबाजों और मध्यक्रम ने तेजी से रन बटोरे, जिससे टीम हमेशा रन-रेट के मामले में बेहतर स्थिति में रही। हालांकि, जब मैच अपने रोमांचक मोड़ पर था, तभी तेज बारिश के कारण खेल को रोकना पड़ा।

VJD मेथड ने तय किया विजेता

काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब मैच दोबारा शुरू होना संभव नहीं दिखा, तो अंपायरों ने परिणाम निकालने के लिए VJD मेथड (V Jayadevan System) का सहारा लिया।

  • बारिश के समय सौराष्ट्र का स्कोर निर्धारित पार-स्कोर से काफी ऊपर था।

  • गणना के बाद, सौराष्ट्र को 17 रनों से विजेता घोषित किया गया।

  • कर्नाटक बनाम मुंबई के मैच की तरह ही इस मुकाबले में भी नियम की भूमिका निर्णायक साबित हुई।

सेमीफाइनल की ओर सौराष्ट्र

इस जीत के साथ ही सौराष्ट्र ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब उनका सामना खिताब की रेस में अगले प्रतिद्वंद्वी से होगा। उत्तर प्रदेश के लिए यह हार निराशाजनक रही, क्योंकि टीम ने पूरे मैच में कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन कुदरत के फैसले और सांख्यिकीय समीकरणों ने सौराष्ट्र का साथ दिया।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।