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न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से वॉशिंगटन सुंदर बाहर, आयुष बडोनी को मिला पहला बुलावा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सोमवार को आधिकारिक पुष्टि की है कि स्टार ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा एकदिवसीय सीरीज के बाकी बचे मैचों से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह चयनकर्ताओं ने दिल्ली के उभरते खिलाड़ी आयुष बडोनी को टीम में शामिल किया है।

चोट का विवरण: वडोदरा वनडे के दौरान लगी चोट

सीरीज के पहले मैच के दौरान फील्डिंग करते समय वॉशिंगटन सुंदर की दाहिनी हैमस्ट्रिंग (Right Hamstring) में खिंचाव आ गया था। मेडिकल टीम के आकलन के बाद उन्हें आराम और रिहैबिलिटेशन की सलाह दी गई है। सुंदर का बाहर होना टीम इंडिया के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह न केवल किफायती ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करते हैं, बल्कि निचले क्रम में बल्लेबाजी को गहराई भी प्रदान करते हैं।

आयुष बडोनी का चयन: टीम में नया चेहरा

सुंदर की अनुपस्थिति में बीसीसीआई चयन समिति ने दिल्ली के 25 वर्षीय ऑलराउंडर आयुष बडोनी पर भरोसा जताया है। बडोनी को शेष दो एकदिवसीय मैचों के लिए भारतीय टीम के साथ जुड़ने का निर्देश दिया गया है।

  • भूमिका: मध्यक्रम के आक्रामक बल्लेबाज और उपयोगी लेग-स्पिन गेंदबाज।

  • अनुभव: घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन।

डेब्यू का सुनहरा मौका

यह चयन आयुष बडोनी के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। यद्यपि वह पिछले कुछ समय से चयनकर्ताओं की रडार पर थे, लेकिन यह पहली बार है जब उन्हें भारत की वनडे टीम में शामिल किया गया है। यदि उन्हें अंतिम एकादश (Playing XI) में जगह मिलती है, तो यह उनका अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय डेब्यू होगा।

सीरीज का आगामी कार्यक्रम

सुंदर की चोट के बाद अब भारतीय टीम प्रबंधन को अपनी प्लेइंग इलेवन के संयोजन पर दोबारा विचार करना होगा। सीरीज के अगले दो मैच भारत के लिए विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।