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गुवाहाटी में ‘सूर्या-अभिषेक’ का तूफान: 10 ओवर में खत्म किया मैच, भारत ने सीरीज जीती

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने न्यूज़ीलैंड को पूरी तरह से ध्वस्त करते हुए सीरीज पर 3-0 से कब्जा कर लिया है। भारत ने न्यूज़ीलैंड को 8 विकेट से हराकर 5 मैचों की टी20 सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर ली है। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे आक्रामक जीतों में से एक के रूप में दर्ज की गई है।

1. न्यूज़ीलैंड की पारी: बुमराह और बिश्नोई का जाल

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कीवी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने बेबस नजर आई।

  • स्कोर: 153/9 (20 ओवर)

  • मुख्य प्रदर्शन: ग्लेन फिलिप्स ने सर्वाधिक 48 रन बनाए, जबकि मार्क चैपमैन ने 32 रनों का योगदान दिया।

  • भारतीय गेंदबाजी: वापसी कर रहे जसप्रीत बुमराह ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3/17 विकेट झटके। रवि बिश्नोई ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और 2 विकेट लिए। हार्दिक पांड्या ने 2 विकेट चटकाए और एक अद्भुत कैच भी पकड़ा।

2. भारत की जवाबी कार्रवाई: 10 ओवर में ही ‘खेला’ खत्म

154 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने टी20 क्रिकेट को एक नए स्तर पर पहुँचा दिया।

  • अभिषेक शर्मा का कहर: युवा ओपनर अभिषेक शर्मा ने मात्र 14 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया, जो किसी भी भारतीय द्वारा दूसरा सबसे तेज टी20I अर्धशतक है। उन्होंने नाबाद 68 रन (20 गेंद) बनाए।

  • कप्तान की पारी: सूर्यकुमार यादव ने अभिषेक का भरपूर साथ दिया और 57 रन (26 गेंद) बनाकर नाबाद रहे।

  • बड़ा रिकॉर्ड: भारत ने इस लक्ष्य को मात्र 10 ओवर (60 गेंद) में हासिल कर लिया। यह 150+ रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टी20 इतिहास की सबसे तेज जीत है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।