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एकता कौल ने सोनी सब के ‘यादें’ में अपने रोल के बारे में कहा: “सृष्टि का चरित्र निभाना मुझे एकदम सही लगा, क्योंकि वह मजबूत, समझदार और बहुत इमोशनल महिला है”

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई, जनवरी 2026: भारत के लीडिंग सामान्य मनोरंजन चैनल्स में से एक, सोनी सब, अपना आने वाला मेडिकल ड्रामा ‘हुई गुम यादें- एक डॉक्टर, दो ज़िंदगियां’ पेश करने जा रहा है, जो दुनिया भर में मशहूर इटैलियन सीरीज़ डॉक (डीओसी) का इंडियन अडैप्टेशन है। इसका कई देशों में सफलतापूर्वक रीमेक बना है। ज़िंदगी, प्यार और पहचान में दूसरे मौकों की थीम पर बना यह शो एक शानदार डॉक्टर देव (इकबाल खान) की असाधारण यात्रा दिखाता है, जो एक एक्सीडेंट में अपनी आठ साल की याददाश्त खोने के बाद अपनी दुनिया को फिर से बनाता है।

इस कहानी में गहराई ला रही हैं टैलेंटेड अभिनेत्री एकता कौल, जो इस शो में सृष्टि का अहम् और इमोशनल रोल निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जो एक मज़बूत, समझदार महिला हैं और डॉ. देव की एक्स-वाइफ हैं। कभी खुद एक प्रैक्टिसिंग डॉक्टर रहीं सृष्टि ने अपने बच्चों की परवरिश के लिए मेडिसिन छोड़ दी और उस हॉस्पिटल की एडमिनिस्ट्रेटिव ज़िम्मेदारियाँ संभाल लीं, जहाँ डॉ. देव काम करते थे। सालों तक, सृष्टि को लगता था कि उनकी शादी टूटने की वजह देव था, जिसका कारण उसकी पर्सनैलिटी में बदलाव, उसका कड़ापन, उसमें हमदर्दी की कमी और उनके छह साल के बेटे ध्रुव की दुखद मौत के बाद उसे घेरने वाला घमंड था। लेकिन, देव की याददाश्त जाने के बाद, सृष्टि का सामना उसके ऐसे रूप से होता है, जो कोमल और समर्पित है, साथ ही उससे फिर से पागलों की तरह प्यार करता है, जिससे उसे पुराने ज़ख्मों और प्यार में दूसरे मौके के बीच एक अंदरूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है।

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शो और अपने रोल के बारे में बात करते हुए एकता कौल ने बताया, “यादें की जिस बात ने मुझे तुरंत खींचा, वह यह है कि यह सिर्फ एक मेडिकल ड्रामा या याददाश्त खोने की कहानी नहीं है, बल्कि यह खुद को फिर से खोजने का सफर है, जब अचानक सब कुछ जाना-पहचाना आपसे छीन लिया जाता है। इस शो का मुख्य विषय दूसरा मौका है, ज़िंदगी, प्यार, रिश्तों और मकसद में दूसरा मौका। जब यह शो मेरे पास आया, तो मैं बहुत उत्साहित थी, क्योंकि मैं ऐसी कहानी का हिस्सा बनना चाहती थी, जो मुझे चुनौती दे, मुझे इमोशनल करे और साथ ही मुझे याद दिलाए कि मुझे कैमरे के सामने रहना क्यों पसंद है। साथ ही, मैं पर्सनल और क्रिएटिव रूप से आगे बढ़ी हूँ और सृष्टि मुझे वापसी के लिए एकदम सही किरदार लगी, जो कि एक मज़बूत, समझदार और बहुत इमोशनल औरत है।”

हुई गुम यादें- एक डॉक्टर, दो ज़िंदगियां दर्शकों को प्यार, नुकसान और दूसरे मौकों की नाज़ुक यात्रा पर ले जाता है, जो इंसान की हिम्मत को दिखाता है।

हुई गुम यादें- एक डॉक्टर, दो ज़िंदगियां देखने के लिए ट्यून इन करें, जल्द ही सोनी सब पर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।