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डिजिटल क्लीन-अप: भारत सरकार ने 5 अश्लील OTT प्लेटफॉर्म्स को किया बैन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

मुंबई. भारत सरकार ने डिजिटल कंटेंट की सफाई और ऑनलाइन सुरक्षा की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने अश्लील, आपत्तिजनक और अनैतिक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में 5 और OTT प्लेटफॉर्म्स को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक करने का आदेश दिया है।

यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत की गई है। मंत्रालय के अनुसार, ये प्लेटफॉर्म्स चेतावनी के बावजूद अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने में विफल रहे थे।

? किन OTT ऐप्स पर लगा प्रतिबंध?

मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, निम्नलिखित मोबाइल एप्लिकेशन और उनकी वेबसाइटों तक आम जनता की पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया गया है:

  1. MoodXVIP

  2. Koyal Playpro

  3. Digi Movieplex

  4. Feel

  5. Jugnu

⚖️ कार्रवाई का कानूनी आधार और आरोप

सरकार ने यह सख्त कदम आईटी एक्ट, 2000 की धारा 69A के तहत उठाया है। जांच में इन ऐप्स के खिलाफ गंभीर उल्लंघन पाए गए, जिनमें शामिल हैं:

  • अश्लील और नग्न दृश्य (Nudity): प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध अधिकांश कंटेंट में स्पष्ट रूप से अश्लीलता परोसी जा रही थी।

  • स्पष्ट यौन गतिविधियाँ: यौन कृत्यों का ग्राफिक प्रदर्शन, जो भारतीय कानूनी मानकों और सार्वजनिक शालीनता के खिलाफ है।

  • ऑनलाइन सुरक्षा का उल्लंघन: यह सामग्री बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी गई।

सरकार ने सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) और ऐप स्टोर्स (Google Play Store & Apple App Store) को निर्देश जारी किए हैं कि इन प्लेटफॉर्म्स की पहुंच तुरंत बंद की जाए।

? पिछले 2 वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड: डिजिटल क्लीन-अप ड्राइव

यह पहली बार नहीं है जब मोदी सरकार ने ‘सॉफ्ट-पोर्नोग्राफी’ के खिलाफ ऐसा कदम उठाया है। पिछले दो वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल मीडिया की निगरानी कितनी सख्त हो गई है:

समय (Year)ब्लॉक किए गए प्लेटफॉर्म्स की संख्यामुख्य कानून
मार्च 202418 OTT प्लेटफॉर्म्सIT Rules 2021
जुलाई 202525 OTT प्लेटफॉर्म्सSection 69A, IT Act
फरवरी 202605 OTT प्लेटफॉर्म्सIT Rules 2021

?️ ‘सेल्फ-रेगुलेशन’ की विफलता बनी वजह

आईटी नियम, 2021 के तहत सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को एक त्रि-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र (Three-tier grievance redressal mechanism) का पालन करना अनिवार्य है। हालांकि, छोटे और नए ओटीटी प्लेटफॉर्म अक्सर इस नियम की अनदेखी करते हैं।

मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स को पहले सुधार के अवसर दिए गए थे, लेकिन इनके कंटेंट में रचनात्मकता के नाम पर केवल अश्लीलता का सहारा लिया जा रहा था। इस कार्रवाई के जरिए सरकार ने बड़े और छोटे सभी डिजिटल मीडिया प्लेयर्स को कड़ा संकेत दिया है कि ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ का मतलब ‘अश्लीलता फैलाने की आजादी’ नहीं है।

? डिजिटल इंडिया और सुरक्षित इंटरनेट

भारत दुनिया के सबसे बड़े डेटा खपत वाले देशों में से एक है। ऐसे में सरकार का यह कदम ऑनलाइन सुरक्षा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है। यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में मॉनिटरिंग और भी सख्त होगी, ताकि इंटरनेट को एक सुरक्षित स्थान बनाया जा सके।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।