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कानपुर के गंगा मेला पर अनाथ बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान, शास्त्री जी ने गुलाल और उल्लास के साथ मनाई होली

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर. कानपुर के ऐतिहासिक गंगा मेला के पावन अवसर पर आज दामोदर नगर स्थित अनाथ आश्रम में खुशियों के रंग बिखरे। श्री मोहनी बिहारी सेवा संस्थान एवं श्री हरिदास जी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सेवा एवं समर्पण’ कार्यक्रम ने समाज के सामने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की।

बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान

कार्यक्रम के दौरान आश्रम में रह रहे बच्चों के बीच गुलाल, पिचकारी, नमकीन और मिष्ठान का वितरण किया गया। त्योहार के सामान पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने संस्था के सदस्यों के साथ जमकर होली खेली। आयोजन का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों के जीवन में उत्साह का संचार करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव महसूस कराना था।

उत्तर प्रदेश समाचार

वंचितों की सेवा ही सच्ची खुशी: शास्त्री जी

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे अभिषेक कृष्ण शास्त्री जी महाराज (अध्यक्ष/सचिव, श्री मोहनी बिहारी सेवा संस्थान) ने इस अवसर पर कहा:

“त्योहारों की सार्थकता केवल पकवानों और रंगों में नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा में है। जब हम वंचित और जरूरतमंद बच्चों के साथ खुशियां साझा करते हैं, तभी उत्सव का उद्देश्य पूर्ण होता है।”

सेवा का संकल्प

इस अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सहयोगियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संस्थान के सदस्यों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी इसी तरह के सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखेंगे ताकि समाज में सहयोग और समरसता की भावना बनी रहे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।