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मिडिल ईस्ट में तनाव: क्या भारत में खत्म हो जाएगी रसोई गैस? सरकार ने ‘अभेद्य’ स्टॉक पर दिया बड़ा अपडेट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और इजरायल-ईरान संघर्ष की आहट के बीच भारत में रसोई गैस (LPG) और ईंधन की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म है। इन खबरों ने आम जनता के बीच ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) की स्थिति पैदा कर दी थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश को आश्वस्त किया है कि भारत के पास ईंधन का ‘अभेद्य’ स्टॉक मौजूद है।

2.5 दिन में डिलीवरी और 100% रिफाइनरी क्षमता

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार:

  • तेज डिलीवरी: यदि कोई उपभोक्ता आज गैस सिलेंडर बुक करता है, तो उसे अधिकतम ढाई दिन (60 घंटे) के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी मिल जाएगी।

  • रिफाइनरी ऑपरेशन: भारत की सभी तेल रिफाइनरियां इस समय अपनी 100% क्षमता के साथ काम कर रही हैं, जिसका अर्थ है कि उत्पादन में कोई कमी नहीं है।

  • CNG/PNG सप्लाई: शहरों में पाइप वाली गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG की आपूर्ति में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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मिडिल ईस्ट तनाव और भारत की ‘प्लान-बी’ रणनीति

दुनिया भर में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की स्थिति मजबूत है। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि भारत ने अपनी निर्भरता केवल एक क्षेत्र पर नहीं रखी है:

  1. 40 देशों से आयात: भारत वर्तमान में दुनिया के लगभग 40 अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है।

  2. रूस और अन्य विकल्प: रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत ने अपने आयात स्रोतों में विविधता लाई है, जिससे मिडिल ईस्ट के तनाव का असर कम हो गया है।

  3. LNG कार्गो: एलएनजी के दो बड़े समुद्री जहाज (Cargoes) जल्द ही भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने वाले हैं, जो स्टॉक को और मजबूती देंगे।

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सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें

अधिकारियों ने कड़े शब्दों में कहा कि व्हाट्सएप और फेसबुक पर गैस की किल्लत को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। सरकार स्थिति पर 24×7 नजर रखे हुए है।

“घबराहट में आकर एक्स्ट्रा सिलेंडर बुक न करें। इससे सप्लाई चेन पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। देश के पास पर्याप्त भंडार है।” — मंत्रालय का आधिकारिक बयान

आम आदमी के लिए क्या है इसका मतलब?

अगर आप एक उपभोक्ता हैं, तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें और उपलब्धता फिलहाल स्थिर बनी रहने वाली हैं। सरकार के पास ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (SPR) भी मौजूद है, जो किसी भी आपात स्थिति में हफ्तों तक देश की जरूरतें पूरी कर सकता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।