लोड हो रहा है...

कानपुर में गूंजेगा गीता का संदेश: नव संवत्सर पर निकलेगी 150 KM लंबी यात्रा, 18 रूटों से पहुंचेगी जेके मंदिर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर में गीता संदेश यात्रा की प्रेस वार्ता को संबोधित करते डॉ. उमेश पालीवाल और अन्य सदस्य।

कानपुर. भारतीय नव वर्ष (नव संवत्सर) के पावन अवसर पर औद्योगिक नगरी कानपुर पूरी तरह से गीता के रंग में रंगने के लिए तैयार है। श्रीमद्भगवद्गीता वैदिक न्यास द्वारा इस वर्ष भव्य “नव वर्ष गीता संदेश यात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। न्यास के अध्यक्ष डॉ. उमेश पालीवाल ने घोषणा की है कि इस बार यह आयोजन अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए शहर के विभिन्न कोनों से 18 अलग-अलग यात्राओं के रूप में निकाला जाएगा।

35 किमी से 150 किमी तक का सफर: युवाओं पर रहेगा जोर

न्यास के अध्यक्ष ने बताया कि साल 2022 में जब पहली बार यह यात्रा शुरू हुई थी, तब इसकी दूरी मात्र 35 किलोमीटर थी। लेकिन जनमानस के उत्साह को देखते हुए इस वर्ष यात्रा का दायरा बढ़ाकर 150 किलोमीटर कर दिया गया है।

“हमारा मुख्य उद्देश्य युवाओं को गीता के कर्म और कर्तव्य के संदेश से जोड़ना है। जब दुनिया के अन्य देश अपना नववर्ष हफ़्तों तक मना सकते हैं, तो भारतीयों में अपने नव संवत्सर को लेकर वही गौरव और उत्साह होना चाहिए।” – अमरनाथ जी (वरिष्ठ प्रचारक, RSS)

जेके मंदिर बनेगा संगम स्थल, सजेगी सांस्कृतिक संध्या

शहर के अलग-अलग 18 स्थानों से शुरू होने वाली ये यात्राएँ अंततः सुप्रसिद्ध जेके मंदिर पर मिलेंगी। यहाँ एक विशाल ‘सांस्कृतिक संध्या महोत्सव’ का आयोजन होगा।

महोत्सव की मुख्य विशेषताएं:

  • मुख्य वक्ता: श्री अयोध्या धाम से पधारे पुरुषोत्तमदास जी महाराज।

  • मुख्य अतिथि: रोटरी गवर्नर रो. जसवीर सिंह भाटिया।

  • अध्यक्षता: RSS कानपुर प्रान्त के प्रान्त संघचालक भवानी भीख।

  • भजन संध्या: विख्यात भजन गायक प्रदीप श्रीवास्तव अपनी प्रस्तुति से समां बांधेंगे।

  • विशेष उपहार: महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को नव वर्ष का पंचांग निशुल्क वितरित किया जाएगा।

यूपी के इन शहरों में भी मनेगा जश्न

न्यास के महामंत्री परमानंद ने जानकारी दी कि गीता संदेश यात्रा का विस्तार केवल कानपुर तक सीमित नहीं रहेगा। इस बार फतेहपुर, लखनऊ, उन्नाव और झाँसी में भी इसी तर्ज पर भव्य यात्राएँ निकाली जाएँगी।

न्यास से जुड़े राजीव महाना ने वियतनाम यात्रा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भारतीय नववर्ष की स्वीकार्यता बढ़ रही है और लोग अब एक-दूसरे को शुभकामनाएं देने में गर्व महसूस करते हैं।

प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में कमल त्रिवेदी, केके शुक्ला, मुकेश पालीवाल, डॉ. रोचना विश्नोई, हरेन्द्र मुरझानी, महेंद्र सिंह, हिमांशु मिश्रा और सचिन शुक्ला समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

matribhumisamachar.com/

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।