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कानपुर: मान्यवर कांशीराम जयंती पर गूंजा सामाजिक न्याय का संकल्प, पब्लिक वेलफेयर एसोसिएशन ने दी पुष्पांजलि

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर. पुराना शिवली रोड, कल्याणपुर स्थित ‘पब्लिक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश’ के कार्यालय में रविवार को सामाजिक न्याय के पुरोधा मान्यवर कांशीराम की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

वंचितों की आवाज बने कांशीराम: अशोक कटियार

संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक कटियार ने कांशीराम जी के चित्र पर पुष्पार्चन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन वंचित तबके की लड़ाई लड़ने में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, “कांशीराम जी ने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे लोगों को न केवल जागरूक किया, बल्कि उन्हें सरकारी सुविधाओं और अधिकारों का लाभ भी दिलाया।”

राजनीतिक खबरें: matribhumisamachar.com/politics

राजनैतिक न्याय और जन-जन की मुहिम

पूर्व सी.एम.ओ. डॉ. सत्येंद्र सिंह ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मान्यवर कांशीराम ने एक ऐसी जन-मुहिम चलाई जिसने शोषित वर्ग को सामाजिक और राजनैतिक पहचान दिलाई। उन्होंने लोगों को अपने हक के लिए एकजुट होने का मार्ग दिखाया।

कानपुर स्थानीय समाचार: matribhumisamachar.com/kanpur-city-news

सत्ता में भागीदारी पर जोर

संस्था के विधिक सलाहकार एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने आंकड़ों के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में 15 प्रतिशत आबादी का 85 प्रतिशत आबादी पर शासन कांशीराम जी को स्वीकार्य नहीं था। वे इसके घोर विरोधी थे और उन्होंने हमेशा अधिक आबादी वाले (बहुजन) समाज को सत्ता में काबिज कराकर वास्तविक न्याय दिलाने का कार्य किया।

सामाजिक सरोकार: matribhumisamachar.com/social-issues

उपस्थिति:

इस अवसर पर मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता देवशरण कनौजिया, एडवोकेट रूपेश गंगवार, विपिन पटेल, आर. भावुक सहित कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।