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कानपुर मंडी भाव 5 अप्रैल 2026: गेहूं और सरसों के दाम स्थिर, अरहर में उछाल; देखें आज की ताजा रेट लिस्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर | 5 अप्रैल, 2026

Kanpur Mandi Bhav Today (5 April 2026): उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक मंडी कानपुर (चकरपुर और नौबस्ता) में आज अनाज और दलहन की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। रविवार की छुट्टी के बावजूद स्थानीय स्तर पर सीमित आवक के कारण अधिकांश फसलों के दाम स्थिर बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार, आने वाले सप्ताह में मांग बढ़ने से कीमतों में हल्की तेजी की उम्मीद है।

? अनाज और दलहन के ताजा थोक भाव (₹ प्रति क्विंटल)

कानपुर मंडी में आज की नीलामी के बाद अनाज और दालों की स्थिति निम्नलिखित रही:

फसलन्यूनतम भाव (₹)अधिकतम भाव (₹)बाजार का रुख
गेहूं (दड़ा/देसी)₹2,300₹2,625➡️ स्थिर
सरसों (पीली/काली)₹5,400₹6,200➡️ स्थिर
अरहर (तुअर)₹7,000₹7,500⬆️ मजबूत
चना (देसी)₹5,400₹5,500➡️ स्थिर
मसूर (साबुत)₹7,000₹7,300➡️ सामान्य
मटर (सफेद सूखी)₹3,875₹4,000➡️ स्थिर
धान (सामान्य)₹1,850 के करीब₹1,900➡️ स्थिर
चावल (किस्म अनुसार)₹2,600₹3,360➡️ सामान्य

व्यापार समाचार: बाजार और व्यापारिक गतिविधियों का विश्लेषण

? बाजार की स्थिति और विश्लेषण

आज मंडी में आवक सामान्य रही। व्यापारियों का मानना है कि गेहूं की नई फसल की कटाई तेज होने के साथ ही मंडी में प्रेशर बढ़ेगा, लेकिन फिलहाल सरकारी खरीद और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के आसपास भाव रहने से बाजार संतुलित है।

दालों के मामले में, अरहर और मसूर की मांग दक्षिण भारत के राज्यों से अच्छी बनी हुई है, जिसके कारण इनके भावों में गिरावट की संभावना कम है। वहीं, सरसों में तेल मिलों की सक्रियता बढ़ने से निचले स्तर पर सहारा मिल रहा है।

? किसानों और व्यापारियों के लिए सलाह

  • भंडारण: जिन किसानों के पास माल रखने की व्यवस्था है, वे कीमतों में और सुधार का इंतजार कर सकते हैं।

  • मौसम का ध्यान: मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ की संभावना जताई है, अतः किसान खलिहान में रखे अनाज को सुरक्षित करने के इंतजाम रखें।

  • क्वालिटी: अच्छी गुणवत्ता और सूखी फसल लेकर आने वाले किसानों को मंडी में अधिकतम भाव (Top Price) मिल रहा है।

डिस्क्लेमर: ऊपर दिए गए भाव कानपुर मंडी के थोक भाव हैं। खुदरा बाजार और अन्य मंडियों में कीमतों में अंतर हो सकता है। किसी भी प्रकार का व्यापार करने से पहले अपने स्थानीय आढ़ती से ताजा भाव की पुष्टि अवश्य करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।