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कानपुर के निर्माता की बड़ी उपलब्धि: देशप्रेम से लबरेज फिल्म ‘सुजाता’ 17 अप्रैल को होगी रिलीज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

कानपुर। गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

औद्योगिक नगरी कानपुर अब केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि सिनेमा के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बना रही है। स्थानीय फिल्म निर्माता संतोष कुमार गुप्ता द्वारा निर्मित हिंदी फीचर फिल्म ‘सुजाता’ आगामी 17 अप्रैल 2026 को पूरे देश के सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है।

महिला सशक्तिकरण और देशभक्ति का संगम

फिल्म ‘सुजाता’ एक महिला प्रधान फिल्म है, जिसकी कहानी देश प्रेम के इर्द-गिर्द बुनी गई है। फिल्म के बारे में बताते हुए निर्माता संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि यह फिल्म न केवल मनोरंजन करेगी, बल्कि दर्शकों में राष्ट्रभक्ति का जज्बा भी जगाएगी।

90 प्रतिशत कलाकार कानपुर के

इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें कानपुर की मिट्टी से जुड़े कलाकारों को प्रमुखता दी गई है। फिल्म के 90 प्रतिशत कलाकार सीनियर और जूनियर स्तर पर कानपुर से ही हैं। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में:

  • शान, देविका सिंह, आर. सी. पाठक और विपिन आर. पांडे अपनी अदाकारी का जौहर दिखाएंगे।

  • नितिन चोपड़ा, अरविंद यादव, शिव मोहन द्विवेदी, काव्या जायसवाल और स्वयं संतोष कुमार गुप्ता भी विभिन्न महत्वपूर्ण किरदारों में नजर आएंगे।

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मुंबई के निर्देशन में निखरी प्रतिभा

फिल्म का निर्देशन मुंबई के जाने-माने निर्देशक रवि शर्मा ने किया है। तकनीकी पक्ष को मजबूती देते हुए कास्टिंग डायरेक्टर अजय मिश्रा (JBJM Films) ने बेहतरीन कलाकारों का चयन किया है। फिल्म का संगीत विजन स्टूडियो द्वारा तैयार किया गया है। फिल्म के गीत अत्यंत प्रिय और मधुर हैं, जो कहानी की संवेदनशीलता को बखूबी दर्शाते हैं।

फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि ‘सुजाता’ जैसी फिल्में क्षेत्रीय प्रतिभाओं के लिए बॉलीवुड के द्वार खोलती हैं। फिल्म की टीम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे भारी संख्या में सिनेमाघरों में जाकर अपनी स्थानीय प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करें।

मुख्य बिंदु:

  • रिलीज तिथि: 17 अप्रैल 2026

  • विषय: महिला प्रधान और देशभक्ति

  • निर्माता: संतोष कुमार गुप्ता

  • निर्देशक: रवि शर्मा

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।