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बलूचिस्तान में हिंसा का तांडव: BLA ने 10 दिनों में किए 27 हमले, 42 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

क्वेटा । सोमवार, 27 अप्रैल 2026

बलूचिस्तान में अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ अपने हमलों को तेज कर दिया है। संगठन के प्रवक्ता जियांद बलोच ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया है कि पिछले 10 दिनों के भीतर बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में कुल 27 हमले किए गए, जिनमें कम से कम 42 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं।

10 दिनों में 27 हमलों की श्रृंखला

बीएलए के अनुसार, ये हमले 15 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच किए गए। संगठन ने बताया कि खरण, हरनाई, कोहलू और झल मगसी जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में रिमोट-कंट्रोल धमाकों (IED), घात लगाकर किए गए हमलों और सीधे संघर्ष का सहारा लिया गया है।

ऑपरेशन हेरोफ 2.0 और बड़े दावे

बीएलए ने दावा किया है कि इन झड़पों के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी सेना के एक सैनिक को जीवित पकड़ लिया है और भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया है। संगठन ने स्वीकार किया कि इस सैन्य अभियान के दौरान उनके भी तीन लड़ाके मारे गए हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह ताजा हिंसा ‘ऑपरेशन हेरोफ 2.0’ का हिस्सा है, जिसे बीएलए ने इस साल की शुरुआत में घोषित किया था। इस ऑपरेशन का उद्देश्य बलूचिस्तान में तैनात पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को पीछे हटने पर मजबूर करना है।

पाकिस्तान सरकार की चुप्पी

हालांकि बीएलए ने भारी जानी नुकसान का दावा किया है, लेकिन पाकिस्तानी सेना (ISPR) या सरकार की ओर से अभी तक इन विशिष्ट आंकड़ों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आमतौर पर, सुरक्षा बल ऐसे दावों को खारिज करते हैं या हताहतों की संख्या को कम करके बताते हैं।

वर्तमान में बलूचिस्तान के संवेदनशील इलाकों में इंटरनेट और संचार सेवाओं पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिए गए हैं और सुरक्षा बलों ने विद्रोहियों के खिलाफ तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।