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पंजाब: पटियाला रेलवे ट्रैक पर बड़ा धमाका, आतंकी साजिश का पर्दाफाश? संदिग्ध हमलावर की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

चंडीगढ़ । मंगलवार, 28 अप्रैल 2026

पंजाब के पटियाला जिले में सोमवार (27 अप्रैल) की रात राजपुरा-शंभू रेलवे लाइन पर हुए भीषण विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशनों के बीच डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFCCIL) पर किलोमीटर संख्या 1174/1-6 के पास रात करीब 8:30 से 10:00 बजे के बीच यह धमाका हुआ। शुरुआती जांच में इसे केवल एक दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन अब इसमें ‘आतंकी मॉड्यूल’ और ‘विदेशी साजिश’ के गंभीर संकेत मिले हैं।

ताज़ा अपडेट 

  • संदिग्ध की पहचान: घटनास्थल से जिस व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिला था, उसकी पहचान जगरूप सिंह (निवासी तरनतारन) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह बम प्लांट करने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान हुए “बॉटched डिटोनेशन” (गलत विस्फोट) में उसकी मौत हो गई।

  • बड़ी बरामदगी: पुलिस ने मौके से क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड, तार और दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा ने पुष्टि की है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।

  • आतंकी लिंक और गिरफ्तारी: जर्मनी स्थित खालिस्तानी आतंकी जसविंदर सिंह मुल्तानी ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। पंजाब पुलिस ने इस मामले में सक्रिय होते हुए एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और 4 कट्टरपंथी युवाओं को गिरफ्तार किया है, जिनका संबंध मलेशिया और पाकिस्तान स्थित आकाओं से बताया जा रहा है।

  • ट्रैक को नुकसान: विस्फोट के कारण रेल की पटरियों को नुकसान पहुँचा है और मालगाड़ियों का आवागमन अस्थायी रूप से बाधित हुआ था।

देश-दुनिया और सुरक्षा अपडेट्स

नोट

शुरुआती खबरों में इसे केवल एक विस्फोट बताया गया था, लेकिन नवीनतम जांच के अनुसार:

  1. यह “कम तीव्रता” का धमाका नहीं, बल्कि एक विफल आतंकी हमला (Sabotage Attempt) था।

  2. जगरूप सिंह कोई राहगीर नहीं, बल्कि मुख्य संदिग्ध था जो विस्फोटक लगा रहा था।

  3. पुलिस ने इस घटना को सिरहिंद (फतेहगढ़ साहिब) में जनवरी में हुए पिछले ब्लास्ट से भी जोड़कर देखना शुरू कर दिया है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।