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कानपुर मंडी भाव: गेहूं और दालों में मिश्रित रुझान, जानें 5 मई 2026 के ताजा रेट्स और नए नियम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर | मंगलवार, 5 मई 2026

उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर की प्रसिद्ध अनाज मंडियों—चकरपुर और कलेक्टरगंज—में आज रबी फसलों की आवक और कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा। 5 मई 2026 को बाजार खुलने के साथ ही गेहूं की कीमतों में गुणवत्ता के आधार पर बड़ा अंतर देखा गया, वहीं दालों के बाजार में मांग बढ़ने से कुछ जिंसों के भाव “गरम” रहे।

बाजार विश्लेषण: गेहूं और MSP का गणित

आज चकरपुर मंडी में गेहूं की आवक सामान्य रही। दड़ा (Common) क्वालिटी का गेहूं ₹2,300 से ₹2,450 के बीच बिका, जबकि प्रीमियम फार्म वैरायटी ने ₹2,850 प्रति क्विंटल का उच्चतम स्तर छुआ।

सुधार और जानकारी: कई किसान स्थानीय आढ़तियों को कम दाम में फसल बेच रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का MSP ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित है। विशेषज्ञों का कहना है कि 12% से कम नमी वाले माल पर ही किसानों को सही भाव मिल पा रहा है।

प्रमुख जिंसों के थोक भाव (₹ प्रति क्विंटल)

नीचे दी गई तालिका आज के बाजार रुझानों को दर्शाती है:

जिंस (Commodity)न्यूनतम भाव (₹)अधिकतम भाव (₹)बाजार की स्थिति
गेहूं (दड़ा)2,3002,450आवक बढ़ने से स्थिर
गेहूं (फार्म/देसी)2,7502,850उच्च मांग
धान (सादा)1,8502,400स्थिर
चावल (मंसूरी/मोटा)2,5503,324सामान्य
अरहर (साबुत)7,6507,750मजबूत
उड़द (धोवा)5,5008,720तेजी का रुख
मूंग (हरी)6,0009,020मांग में उछाल
सरसों (तिलहन)5,4006,489तेल मिलों की सक्रियता

सब्जी मंडी: आलू और प्याज में हल्की तेजी

गर्मी और सीमित सप्लाई के कारण आलू और प्याज के दामों में मामूली बढ़त दर्ज की गई है। चकरपुर सब्जी मंडी में आज आलू ₹600 से ₹662 और लाल प्याज ₹1,200 से ₹1,300 प्रति क्विंटल के बीच बिके। व्यापारियों का मानना है कि स्टोरेज लागत बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में फुटकर कीमतों में ₹2-₹5 प्रति किलो की और वृद्धि हो सकती है।

⚠️ किसानों के लिए महत्वपूर्ण: मई 2026 से नया नियम

मातृभूमि समाचार की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 से उत्तर प्रदेश में Digital Farmer ID (AgriStack) अनिवार्य कर दी गई है। इसके बिना MSP पर खरीद और सरकारी सब्सिडी का लाभ लेना कठिन हो सकता है। कानपुर और आसपास के किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।

अस्वीकरण: मंडी भाव माल की गुणवत्ता और आवक पर निर्भर करते हैं। सटीक जानकारी के लिए अपनी स्थानीय मंडी समिति से संपर्क करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।