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सहारनपुर: नशे में धुत देवर ने गर्भवती भाभी की फावड़े से काटकर की हत्या, 2 घंटे तक पुलिस को छकाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

सहारनपुर । सोमवार, 11 मई 2026

जनपद के नानौता थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक मोहल्ले में रविवार (10 मई 2026) की रात खूनी संघर्ष में बदल गई। नशे की हालत में घर पहुंचे आमिर नाम के एक युवक ने अपनी ही सगी भाभी, 23 वर्षीय सना नाज, की फावड़े से वार कर निर्मम हत्या कर दी। विचलित करने वाली बात यह है कि सना 5 माह की गर्भवती थी।

वारदात का विवरण

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आमिर रविवार रात करीब 10 बजे नशे की हालत में घर लौटा था। किसी मामूली बात पर सना से उसकी कहासुनी हुई, जिसके बाद आवेश में आकर आमिर पास पड़ा फावड़ा उठा लाया। उसने सना के गले, छाती और पेट पर ताबड़तोड़ कई वार किए। सना की चीखें सुनकर उसका पति सलमान बचाने दौड़ा, लेकिन आरोपी का हिंसक रूप देखकर वह और अन्य पड़ोसी पीछे हट गए।

गैस सिलेंडर खोलकर दी आत्मदाह की धमकी

हत्या के बाद आमिर ने खुद को कमरे में कैद कर लिया और रसोई गैस सिलेंडर की नॉब खोल दी। उसने धमकी दी कि यदि कोई पास आया तो वह खुद को और घर को आग लगा देगा। करीब दो घंटे तक पुलिस और आरोपी के बीच यह ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’ चलता रहा। अंततः पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए दरवाजा तोड़कर उसे दबोच लिया।

साजिश या सनक? परिजनों के गंभीर आरोप

जहाँ पुलिस इसे शुरुआती जांच में घरेलू विवाद और नशे का नतीजा बता रही है, वहीं मृतका के मायके वालों ने इसे सुनियोजित हत्या (Planned Conspiracy) करार दिया है।

परिजनों के मुख्य दावे:

  • घटना के वक्त आरोपी की मां (सास) और बहन (ननद) का घर में न होना संदेहास्पद है।

  • मृतका के शौहर सलमान की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि उसने सना को बचाने का प्रभावी प्रयास नहीं किया।

  • परिजनों का आरोप है कि दहेज या किसी अन्य रंजिश के चलते सना को रास्ते से हटाया गया है।

पुलिस की कार्रवाई

एसपी ग्रामीण ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपी आमिर हिरासत में है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से खून से सना फावड़ा और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल थे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।