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ज्योतिष: परंपरा, विज्ञान और विश्वास (About Our Astrology)

मातृभूमि समाचार के ज्योतिष अनुभाग में आपका स्वागत है। हमारा उद्देश्य प्राचीन भारतीय वैदिक ज्ञान को आधुनिक जीवन के साथ जोड़कर आपके जीवन में स्पष्टता और सकारात्मकता लाना है।

हमारा मानना है कि ज्योतिष केवल भविष्य बताने का साधन नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक सटीक मार्गदर्शन है। यहाँ हम आपको उपलब्ध कराते हैं:

  • सटीक गणना: अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा तैयार किया गया दैनिक, साप्ताहिक और वार्षिक राशिफल।

  • पंचांग की शुद्धता: तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त की विश्वसनीय जानकारी ताकि आपका हर कार्य सफल हो।

  • वास्तु और उपाय: आपके घर और कार्यक्षेत्र में सुख-समृद्धि लाने के लिए सरल और प्रभावी वास्तु परामर्श।

  • सांस्कृतिक जुड़ाव: हमारे सभी व्रत, त्योहार और धार्मिक कथाएँ भारतीय संस्कृति और जड़ों (मातृभूमि) के प्रति समर्पित हैं।

मातृभूमि समाचार पर हमारा प्रयास है कि हम अंधविश्वास से दूर, तार्किक और आध्यात्मिक ज्योतिषीय जानकारी आप तक पहुँचाएँ। हम आपकी प्रगति और मानसिक शांति के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

ज्योतिषीय डिस्क्लेमर (Disclaimer)

अस्वीकरण: ‘मातृभूमि समाचार’ (matribhumisamachar.com) के ज्योतिष अनुभाग में दी गई सभी जानकारी, भविष्यवाणियां और उपाय केवल सामान्य सूचना और पाठकों की रुचि के लिए हैं।

  • सटीकता: हम अपनी ओर से सटीक और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने का पूरा प्रयास करते हैं, लेकिन ग्रहों की स्थिति और व्यक्तिगत कुंडलियों के आधार पर परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।

  • निर्णय: ज्योतिषीय परामर्श को किसी भी प्रकार के पेशेवर, कानूनी, चिकित्सा या वित्तीय निर्णय का विकल्प न मानें। किसी भी बड़े निर्णय से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ या अनुभवी ज्योतिषी से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।

  • विश्वास: इन जानकारियों को अपनाने या मानने का निर्णय पूरी तरह से पाठक का अपना विवेक है। ‘मातृभूमि समाचार’ इसके आधार पर होने वाले किसी भी लाभ या हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों को मंत्र रूप में सिद्ध करने की संपूर्ण विधि और अष्टांग हवन

विभिन्न कार्यों के लिए श्रीरामचरितमानस की सिद्ध चौपाइयों की सूची

मानस के दोहे-चौपाइयों को सिद्ध करने का विधान यह है कि किसी भी शुभ दिन अष्टांग हवन के द्वारा मंत्र सिद्ध करना चाहिये। फिर जिस कार्य के लिये मंत्र-जप की आवश्यकता हो, उसके लिये नित्य जप करना चाहिये। वाराणसी में भगवान् शंकर के मानस की चौपाइयों को मंत्र-शक्ति प्रदान की …

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