नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी महिला की सिर्फ तस्वीर खींचना या मोबाइल फोन से उसकी सहमति के बिना विडियो बनाना दूसरे की निजी गतिविधियों में गुप्त रूप से ताकझांक करने (Voyeurism) का अपराध नहीं बनता है। अदालत ने कहा कि किसी महिला के निजी गतिविधियों में ताकझांक हो, …
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