भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में डॉ. बी.आर. आंबेडकर और विनायक दामोदर सावरकर को प्रायः दो विरोधी ध्रुवों के रूप में देखा जाता है। जहाँ सावरकर ‘हिंदुत्व’ और ‘हिंदू राष्ट्र’ के प्रणेता थे, वहीं आंबेडकर ‘संवैधानिक न्याय’ और ‘दलित चेतना’ के मसीहा। किंतु, जब हम 1940 के दशक के भारत …
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