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बेहतर यात्री सेवाओं के लिए तूतीकोरिन हवाई अड्डा उन्नयन की प्रक्रिया में

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चेन्नई (मा.स.स.). बढ़ते यात्री यातायात को देखते हुए और बेहतर सेवाओं और संपर्कों की मांग पूरी करने के लिए तमिलनाडु में भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के तूतीकोरिन हवाई अड्डे का व्यापक रूप से उन्नयन किया जा रहा है। इसमें 381 करोड़ रुपये की लागत से ए-321 प्रकार के विमानों के प्रचालन के लिए रनवे का विस्तार, नया ऐप्रौन, नया टर्मिनल भवन, टेक्निकल ब्लॉक सह कंट्रोल टावर और नए फायर स्टेशन का निर्माण शामिल है।

13500 वर्गमीटर के क्षेत्रफल में फैला नया टर्मिनल भवन व्यस्ततम समय में 600 यात्रियों को हैंडल करने में सक्षम होगा। यह भवन कार पार्किंग सुविधाओं और नए संपर्क मार्ग के साथ साथ दो एयरोब्रिज के प्रावधान के साथ सभी आधुनिक विशेषताओं और यात्री सुविधाओं से सुसज्जित होगा। क्षेत्र के विख्यात चेट्टीनाद घरों से प्रेरित, नए टर्मिनल का सहज रूप दक्षिणी क्षेत्र में एक अद्वितीय वास्तुशिल्प पहचान का सृजन करेगा और टर्मिनल की डिजाइन में एक नया आयाम जोड़ेगा। स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक वस्तुशिल्प का मजबूत उद्धरण भवन की वास्तुकला द्वारा अभिव्यक्त होगा। भवन का अंदरुनी हिस्सा समकालीन तरीके से सामग्री और संरचना के माध्यम से शहर के रंगों और संस्कृति को दर्शाते हैं। नया टर्मिनल टिकाऊ विशेषताओं के साथ एक चार – सितारा गृह रेटेड ऊर्जा सक्षम भवन होगा।

हवाई अड्डा विकास परियोजना में विद्यमान रनवे का विस्तार और सुदृढ़ीकरण का काम भी शामिल है जिससे कि हवाई अड्डे को ए-321 प्रकार के विमान के प्रचालन के लिए उपयुक्त बनाया जा सके। नए एटीसी टावर सह तकनीकी ब्लॉक, फायर स्टेशन, आइसोलेशन बे और ए-321 प्रकार के विमान को पार्क करने के लिए पांच विमान पार्किंग बे का निर्माण भी परियोजना का हिस्सा है।

तूतीकोरिन दक्षिणी तमिलनाडु क्षेत्र में मदुरई से आगे स्थित एकमात्र हवाई अड़डा है। हवाई अड़डे का उन्नयन न केवल बढ़ी हुई यात्री सेवाओं के लिए स्थानीय समुदाय की मांग पूरी करेगा बल्कि यह तूतीकोरिन तथा रिुनेलवली, तेनकासी और कन्याकुमारी जैसे पड़ोसी जिलों में व्यापार तथा पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। हवाई अड़े के विस्तार और उन्नयन की परियोजना के दिसंबर 2023 तक पूरे होने की संभावना है।

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