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बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत लड़ना चाहती हैं लोकसभा चुनाव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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अहमदाबाद. अभिनेत्री कंगना रनौत इन दिनों अपनी फिल्म तेजस को लेकर सुर्खियों में हैं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दम तोड़ चुकी है। इस बीच एक्ट्रेस मानसिक शांति के लिए भगवान की शरण में पहुंचीं। उन्होंने द्वारकाधीश मंदिर दर्शन की कुछ फोटोज और रील्स शेयर कीं। कंगना रनौत ने द्वारका बेट द्वाटक और नागेश्वर महादेव मंदिर में भी दर्शन कर भगवान से आशीर्वाद लिया। अपनी अगली फिल्म के बारे में कंगना रनौत ने कहा कि तनु वेड्स मनु पार्ट 3 को वह खुद ही डायरेक्ट करेंगी और इसमें लीड रोल में भी रहेंगी। इसके अलाला कंगना ने चुनाव लड़ने पर भी अपनी बात रखी है। कंगना ने कहा है कि आने वाले समय में अगर भगवान श्री कृष्ण की कृपा रही तो वह चुनाव भी लड़ सकती हैं।

चुनाव लड़ने को लेकर क्या कहा?

बता दें कि कंगना रनौत की फिल्म तेजस बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरीके से पिट चुकी है। इस फिल्म के बाद कंगना प्रसिद्ध यात्राधाम द्वारका के जगत मंदिर पहुंचीं। भगवान के दर पर माथा टेकने के बाद कंगना ने मीडिया से बातचीत में लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर भी हिंट दिया है। कंगना ने कहा, ‘अगर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा रही तो लोकसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे।’

शेयर कीं तस्वीरें

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मंदिर में दर्शन करने के बाद कंगना ने सोशल मीडिया अकाउंट पर खूब सारे फोटोज और वीडियो भी शेयर किए हैं। इन फोटोज में कंगना ने गोल्डन कलर की साड़ी पहने सजी-धजी नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा, ‘वह कई दिनों से बेचैन थीं, लेकिन अब भगवान के दर्शन करने के बाद उनको बहुत सुकून और शांति मिली है। कंगना ने कहा, ‘यहां कण-कण में द्वारकाधीश समाए हुए हैं और यहां दर्शन करते ही हम धन्य हो जाते हैं।’

साभार : न्यूज़24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।