शनिवार, जनवरी 31 2026 | 05:38:11 PM
Breaking News
Home / राज्य / मध्यप्रदेश / महाकाल मंदिर में शुरू हुआ 50 हजार भक्तों को निशुल्क भोजन कराने वाला भोजनालय

महाकाल मंदिर में शुरू हुआ 50 हजार भक्तों को निशुल्क भोजन कराने वाला भोजनालय

Follow us on:

भोपाल. मध्य प्रदेश के उज्जैन (Ujjain) के महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण के दूसरे चरण के कार्यों में सबसे बड़ी सौगात 50000 श्रद्धालुओं के निशुल्क भोजन के लिए भोजनशाला तैयार की गई है. इसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उद्घाटन के बाद शुरू कर दिया जाएगा. इस भोजनशाला का भविष्य में विस्तारीकरण करते हुए इसे एक लाख श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की योजना है.

महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण योजना के दूसरे चरण का काम पूरा हो चुका है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दूसरे चरण के कार्यों को श्रद्धालुओं को समर्पित करने वाले हैं. विस्तारीकरण योजना के तहत सबसे बड़ी सौगात श्रद्धालुओं को अन्न क्षेत्र की मिल रही है. 25 करोड़ रुपये की लागत से महाकालेश्वर मंदिर समिति ने अन्न क्षेत्र का निर्माण किया है. उज्जैन कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के मुताबिक भोजनशाला में लगभग 50000 श्रद्धालु प्रतिदिन निशुल्क भोजन करेंगे.

दूसरे चरण में 284 करोड़ रुपये खर्च

आने वाले भविष्य में इस भोजनशाला का विस्तारीकरण करते हुए इसे एक लाख श्रद्धालु की क्षमता वाला बनाया जाएगा. महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के मुताबिक, दूसरे चरण के निर्माण कार्यों पर 284 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. इसके बाद अब मंदिर का 3.2 हेक्टेयर क्षेत्र और भी बड़ा हो गया है. महाकालेश्वर मंदिर आने वाले 50 हजार श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन मिलने से बड़ी सुविधा मिलेगी.

देश की सबसे बड़ी भोजनशाला

कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कि, जो भोजनशाला का निर्माण महाकालेश्वर मंदिर समिति की ओर से किया गया है, वह देश की सबसे बड़ी भोजशाला में शामिल है. भोजशाला में सुबह और शाम को 50000 श्रद्धालु भोजन कर सकेंगे. इस योजना का आगे और विस्तारीकरण करते हुए इसे एक लाख श्रद्धालु तक पहुंचाया जाएगा. अन्न क्षेत्र का निर्माण महाकालेश्वर मंदिर समिति के साथ-साथ दानदाताओं के सहयोग से किया गया है.

भोजन बनाने की सभी मशीन ऑटोमेटिक

कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कि, इतनी बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं का प्रतिदिन भोजन बनाने के लिए मानव श्रम भी काम लगे, इसका विशेष ध्यान रखा गया है. मंदिर में परिसर में स्थित अन्न क्षेत्र में पूरी में तरह से ऑटोमेटिक मशीन लगाई गई है, जिसके जरिए कुछ समय में हजारों लोगों का भोजन तैयार हो जाएगा.

साभार : एबीपी न्यूज़

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon।in/dp/9392581181/

https://www।flipkart।com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

आईआरपीआरए- 40 अंडर 40: रीजनल पीआर में उत्कर्ष कार्य के एवज में विभिन्न क्षेत्रों के युवा पीआर प्रोफेशनल्स सम्मानित

देशभर के रीजनल पीआर प्रोफेशनल्स को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सराहा गया पाँच प्रमुख …