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संघ ने तय किया एक लाख शाखाओं का लक्ष्य : वीरेन्द्रजीत सिंह

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नई दिल्ली (मा.स.स.). अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा, समालखा, पानीपत(हरियाणा) से कानपुर लौट कर आये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक वीरेंद्रजीत सिंह, प्रांत संघचालक ज्ञानेंद्र सचान तथा प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. अनुपम ने सामूहिक रुप से प्रेस को संबोधित करते हुये कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रति वर्ष होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक गत वर्ष दिवंगत हुये महापुरुषों को श्रद्धांजलि के साथ पानीपत, हरियाणा में 12, 13 व 14 मार्च को संपन्न हुई। इस बैठक में आरएसएस के सरकार्यवाह ने पूरे देश के संघ कार्य का ब्यौरा अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के सदस्यों के समक्ष रखा।

उन्होंने बताया कि 2020 में 38913 स्थानों पर 62491 शाखा, 20303 साप्ताहिक मिलन व 8732 मासिक मंडली चल रही थी। 2023 में यह संख्या बढकर 42613 स्थानों पर 68651 शाखाएं, 26877 साप्ताहिक मिलन तथा 10412 मासिक मंडली तक पहुंच गई है। शताब्दी वर्ष में संघ कार्य को बढ़ाने के लिए संघ के नियमित प्रचारकों व विस्तारकों के अतिरिक्त 1300 कार्यकर्ता दो वर्ष के लिए शताब्दी विस्तारक निकले हैं। प्रतिनिधि सभा में ‘स्व’ आधारित राष्ट्र के नवोत्थान का संकल्प लिया गया, इस संदर्भ में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।

संघ के क्षेत्र संघचालक वीरेंद्रजीत सिंह ने बताया कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में देश भर के 34 संगठनों के 1474 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सन् 2025 में संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने वाले हैं। इसको ध्यान में रखते हुए अगले एक वर्ष में संघ कार्य 1,00,000 स्थानों तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अतिरिक्त स्वयंसेवकों के अनथक प्रयास से 2025 में सभी गांवों में संघ के कार्य को पहुंचाने का जो लक्ष्य संघ ने रखा है, उसको पूर्ण करेंगे।

प्रांत संघचालक ज्ञानेंद्र सचान ने बताया कि बैठक में प्रस्ताव के अतिरिक्त महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जन्म जयंती, छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्यारोहण के 350वें वर्ष और महावीर स्वामी के निर्वाण के 2550वें वर्ष पूर्ण होने पर तीन वक्तव्य भी जारी किये गए। संघ आगामी समय में सामाजिक परिवर्तन के पांच आयामों पर अपने कार्य को अधिक केन्द्रित करेगा। इन पांच आयामों में सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण, नागरिक कर्तव्य सम्मिलित हैं।

प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. अनुपम ने बताया कि दो वर्षों तक कोरोना के दुष्प्रभाव के बाद अब कानपुर प्रांत में सघ कार्य तेजी से बढ़ा है। मार्च 2022 में 821 स्थानों में 1398 शाखा और 219 मिलन,48 संघमंडली थे जबकि मार्च 2023 में 856 स्थानों में 1528 शाखा तथा 282 मिलन, 63 संघमंडली है, एक वर्ष,130 शाखा, 63 मिलन,15 संघमंडली की बढ़ोत्तरी है। संघ के माध्यम से विविध प्रकार के संचालित सेवा कार्यों में भी बढोत्तरी हुई है। कानपुर प्रांत में 381 सेवा बस्तियों में, 283 बस्तियों में शाखा, सेवाकार्य तथा सम्पर्क के माध्यम से कार्य संचालित हो रहा है।

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