शनिवार, सितंबर 19 2026 | 04:27:37 AM

बीसीसीआई ने राहुल द्रव‍िड को बनाए रखा भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. बीसीसीआई ने मुख्य कोच और सहायक स्टाफ, टीम इंडिया (सीनियर पुरुष) के लिए अनुबंध के विस्तार की घोषणा की है। द्रव‍िड के साथ टीम इंडिया के सहयोगी स्टाफ (सीनियर पुरुष) के लिए भी कॉन्ट्रैक्ट का व‍िस्तार किया गया है। आईसीसी विश्व कप 2023 के बाद अनुबंध की अवधि समाप्त होने के बाद बीसीसीआई ने राहुल द्रविड़ के साथ सार्थक चर्चा की। चर्चा के बाद सर्वसम्मति से बतौर हेड कोच राहुल द्रविड़ के कार्यकाल को बीसीसीआई ने आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

बीसीसीआई के अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने कहा, “राहुल द्रविड़ की दूरदर्शिता, व्यावसायिकता और दृढ़ प्रयास टीम इंडिया की सफलता में महत्वपूर्ण स्तंभ रहे हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में, आप हमेशा अत्यधिक जांच के दायरे में रहते हैं और मैं इसका विस्तार करता हूं।” रोजर बिन्नी ने आगे कहा,” मुझे खुशी है कि उन्होंने मुख्य कोच बने रहने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और यह आपसी सम्मान की बात करता है।”

राहुल द्रविड़ ने खुशी जाहिर करते हुए क्या कहा?

हेड कोच के रूप में विस्तार मिलने के बाद राहुल द्रविड़ ने कहा,“मैं बीसीसीआई और पदाधिकारियों को मुझ पर भरोसा रखने, मेरे दृष्टिकोण का समर्थन करने और इस अवधि के दौरान समर्थन प्रदान करने के लिए धन्यवाद देता हूं।” राहुल द्रविड़ ने आगे कहा, कोचिंग की वजह से मुझे अपने परिवारवालों से दूर रहना पड़ता है। मैं अपने परिवार के त्याग और समर्थन की गहराई से सराहना करता हूं।”

साभार : दैनिक जागरण

- Advertisement -

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon।in/dp/9392581181/

https://www।flipkart।com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।