लोड हो रहा है...

धर्मांतरित 28 परिवारों के 40 लोगों ने एक साथ की घर वापसी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

रायपुर. छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण बड़ी समस्या रहा है। यहां से आए दिन धर्मांतरण की खबर सामने आती रहती है, लेकिन जिन लोगों को धोखे में फांसकर धर्मांतरण कराया गया, ऐसे कई लोग वापस अपनी जड़ सनातन धर्म में लौटने की कोशिशों में लगे हुए हैं। इसी क्रम में सरगुजा के अंबिकापुर 28 परिवारों की घर वापसी सनातन धर्म में हुई। इस बात की जानकारी सनातन धर्म के लिए काम करने वाले हिन्दू संगठन ने दी है।

मामले को लेकर बीजेपी के प्रदेश महामंत्री प्रबलसिंह जूदेव ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती की 200 में जयंती के अवसर पर सम्मेलन में ऑपरेशन घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के द्वारा 28 परिवार के 40 धर्मान्तरित लोगों के पैर धोकर उन्हें पुनः हिन्दू धर्म में वापसी कराई गई। इस कार्यक्रम के दौरान प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि हम लोगा धर्मांतरण रोकने के लिए लगातार प्रयासरत हैं और जितने भी धर्मान्तरित लोग हैं उनकी घर वापसी के लिए यह कार्यक्रम लगातार चला रहे हैं। हिंदू राष्ट्र के सवाल पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि हमारा भारत देश शुरु से हिंदू राष्ट्र रहा है और हम अपने देश के हिंदुओं को मजबूत करने के लिए लगातार कोशिश करते रहेंगे।

साभार : नवभारत टाइम्स

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

https://www।amazon.in/dp/9392581181/

https://www।flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।