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टिकट न मिलने से नाराज भाजपा सांसद अजय निषाद कांग्रेस में शामिल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार की मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद अजय निषाद (Ajay Nishad) ने पार्टी छोड़ दी है. मंगलवार (02 अप्रैल) को उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए दी. इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस का भी दामन थाम लिया. अजय निषाद ने बीजेपी छोड़ने के साथ ही मुजफ्फरपुर से टिकट कटने पर छल करने का आरोप लगाया.

एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) को टैग किया है और अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की है. अजय निषाद ने एक्स पर लिखा, “आदरणीय जेपी नड्डा जी, @BJP4India के द्वारा छल किए जाने से छुब्ध होकर मैं पार्टी के सभी पद के साथ प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं.”

इस्तीफे की घोषणा के बाद कांग्रेस में हुए शामिल

दरअसल, अजय निषाद ने पहले ही पार्टी छोड़ने के संकेत दे दिए थे. उन्होंने एक्स हैंडल से अपने नाम के बाद ‘मोदी का परिवार’ भी हटा दिया था. कांग्रेस में शामिल होने से पहले मुजफ्फरपुर के बीजेपी सांसद अजय निषाद ने बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह से मुलाकात की. इस मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पवन खेड़ा ने मजाकिया अंदाज में अजय निषाद को लेकर कहा कि जिस व्यक्ति का जन्म ही दो अक्टूबर को हुआ हो वो अब तक बीजेपी में क्या कर रहे थे पता नहीं.

कांग्रेस मुख्यालय में बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह भी मौजूद रहे. उन्होंने मुजफ्फरपुर से बीजेपी के सांसद रहे अजय निषाद और उनके पिता की उपलब्धि का जिक्र किया. बता दें कि इस बार बीजेपी ने मुजफ्फरपुर से अजय निषाद का टिकट काट दिया है. यही वजह है कि वह नाराज चल रहे थे. ऐसे में अब माना जा रहा है कि कांग्रेस के टिकट पर वह मुजफ्फरपुर सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।