लोड हो रहा है...

पुणे में प्राइवेट हेलीकॉप्टर क्रैश होने के कारण 3 की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. महाराष्ट्र के पुणे जिले के बावधन ​​​​​​में बुधवार को एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। इसमें दो पायलट और एक इंजीनियर सवार थे। तीनों की मौत हो गई। घटना बावधन में केके कंस्ट्रक्शन हिल के पास सुबह करीब 6:45 बजे हुई। पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ के डीसीपी विशाल गायकवाड़ ने बताया कि हेलिकॉप्टर ने ऑक्सफोर्ड गोल्फ कोर्स के हेलिपैड से मुंबई के जुहू के लिए उड़ान भरी थी। करीब 10 मिनट बाद 1.5 किमी दूर जाकर हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसा पहाड़ी इलाके में हुआ। वहां सुबह के समय घना कोहरा था। क्रैश होने के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई।

पुणे चीफ फायर ऑफिसर देवेन्द्र प्रभाकर पोटफोडे ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दो एम्बुलेंस और चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हेलिकॉप्टर के सभी हिस्से बिखर गए थे। आग सुलग रही थी। हेलिकॉप्टर हेरिटेज एविएशन नाम की प्राइवेट कंपनी का था। दोनों पायलट और इंजीनियर की पहचान अभी नहीं हो सकी है। डीसीपी विशाल ने बताया कि दुर्घटना का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। DGCA मामले की जांच करेगा।

40 दिनों के भीतर पुणे में हेलिकॉप्टर क्रैश की दूसरी घटना

पुणे में 40 दिनों के भीतर यह दूसरी घटना है। इससे पहले 24 अगस्त को पुणे के पौड इलाके में एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। यह हेलिकॉप्टर मुंबई से हैदराबाद जा रहा था। इसमें पायलट और तीन यात्री सवार थे। हादसे में पायलट जख्मी हुआ था। बाकी तीनों लोगों को ज्यादा चोट नहीं आई थीं। पुणे रूरल पुलिस के सुपरिंटेंडेंट पंकज देशमुख ने बताया था कि यह हेलिकॉप्टर मुंबई की ग्लोबल वेक्ट्रा हेलिकॉर्प कंपनी का था। यह AW 139 मॉडल का था। आशंका जताई गई कि हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी की वजह से क्रैश हुआ। हादसे के पीछे भारी बारिश को भी वजह माना गया।

साभार : दैनिक भास्कर

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।